मुंबई। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने वाहनों में एथेनॉल (Ethanol) के उपयोग को अन्य ईंधन के मुकाबले एक लागत प्रभावी और प्रदूषण मुक्त विकल्प के रूप में उपयोग करने पर जोर दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि आने वाले दिनों में 'फ्लेक्स-फ्यूल इंजन' (Flex-Fuel Engine) अनिवार्य कर दिए जाएंगे। फ्लेक्स-फ्यूल या फ्लेक्सिबल ईंधन- गैसोलीन, मेथनॉल या एथेनॉल के संयोजन से बना एक वैकल्पिक ईंधन है।महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, गडकरी ने एक रूसी तकनीक का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से पेट्रोल और एथेनॉल की 'कैलोरिफिक वैल्यू' को बराबर किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो सभी पेट्रोल पंपों को एथेनॉल पंपों से बदला जा सकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने पश्चिमी महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए यह कहा, जो एक प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्र है। गौरतलब है कि पुणे में पहले से ही तीन एथेनॉल पंप हैं। मंत्री ने राज्य सरकार से पश्चिमी महाराष्ट्र में 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाले ऑटो-रिक्शा को अनुमति देने का आग्रह किया।

गन्ने से निकलने वाले एथेनॉल की कीमत 1.47 रुपये बढ़ी
केंद्र सरकार ने बुधवार को दिसंबर से शुरू होने वाले मार्केटिंग वर्ष 2021-22 के लिए पेट्रोल में सम्मिश्रण के लिए गन्ने से निकाले गए एथेनॉल की कीमत में 1.47 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की। यह वृद्धि वर्ष 2025 तक 20 प्रतिशत डोपिंग (पेट्रोल के साथ एथेनॉल का मिलावट स्तर) हासिल करने के सरकार के लक्ष्य के तहत की गई है। पेट्रोल में एथेनॉल के अधिक सम्मिश्रण से भारत को अपने तेल आयात खर्च में कटौती करने में मदद मिलेगी और गन्ना किसानों के साथ-साथ चीनी मिलों को भी लाभ होगा।
Tags: