‘रंगदारी’ को लेकर भाजपा के दो गुट भिड़े, दो नेता गिरफ्तार
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया.
कोलकाता:पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में कथित ‘रंगदारी’ वसूली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो गुटों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद सोमवार देर रात पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन करने के आरोप में भाजपा के दो स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत खड़दह में सोमवार को भाजपा के दो गुटों के बीच झड़प हुई। इसमें तीन भाजपा कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रहड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
यह घटना पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के करीब पांच महीने बाद पार्टी के भीतर गुटीय तनाव के एक और मामले को सामने लाती है। इस बार विवाद बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र में मछली पालन केंद्र से कथित रंगदारी वसूली को लेकर है। मामला खड़दह विधानसभा क्षेत्र के पाटुलिया इलाके का बताया जा रहा है। सोमवार रात विवाद बढ़ने के दौरान एक स्वास्थ्य केंद्र पर कथित तौर पर बम भी फेंका गया। हालांकि, स्थानीय भाजपा के एक धड़े ने घटना को पार्टी के भीतर की गुटबाजी का नतीजा मानने से इनकार किया है।
भाजपा नेता इंद्रनील कुमार दास के मुताबिक, मछली पालन केंद्र से कथित रंगदारी वसूली को लेकर दोनों गुटों के बीच कुछ समय से तनाव चल रहा था। दास ने आरोप लगाया कि खड़दह मंडल-3 के उपाध्यक्ष हिमाद्री सिकदर हर महीने मछली पालन केंद्र से पैसे वसूल रहे थे।
दास ने दावा किया कि जब उन्होंने सिकदर से कथित वसूली को लेकर सवाल किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। बाद में झड़प सार्वजनिक स्थान तक पहुंच गई, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भी तनाव फैल गया।
आरोप है कि झड़प के दौरान बम भी फेंका गया। भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि कथित रंगदारी वसूली का विरोध करने पर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हुई। उनका आरोप है कि घायल लोगों को जब स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, तब प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों ने वहां भी बम फेंके।
हिंसा की सूचना मिलने पर रहड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता थाने के बाहर जमा हुए और घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस ने बाद में इंद्रनील कुमार दास और हिमाद्री सिकदर को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों गुटों के बीच झड़प हुई थी और हिंसा की वास्तविक परिस्थितियों तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है।
घटना के बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। सिकदर के समर्थकों ने आरोप लगाया कि दास खुद को भाजपा नेता बताते हैं, लेकिन उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए काम करने वाले कुछ लोग अब भाजपा का नाम इस्तेमाल कर कथित तौर पर रंगदारी वसूल रहे हैं।
दास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह राज्य सरकार के मंत्री कल्याण मुखर्जी के चुनाव एजेंट रह चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी टीएमसी के लिए काम नहीं किया और आरोप लगाया कि सिकदर मछली पालन केंद्र से पैसे वसूल रहे थे। दास के मुताबिक, मंत्री को कथित रंगदारी वसूली की जानकारी मिली थी और उन्होंने उन्हें हस्तक्षेप कर इसे रोकने के लिए कहा था। मामले में पुलिस की जांच जारी है।