जलभराव पर मेयर और नगर आयुक्त को व्यापारियों ने घेरा, बोले- पानी में उतरकर देखिए समस्या
व्यापारियों का गुस्सा सामने आया.
गोरखपुर: गोरखपुर में तेज बारिश के बाद साहबगंज किराना मंडी में जलभराव को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सामने आया। शनिवार को शहर की जलनिकासी व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त अजय जैन की गाड़ी को व्यापारियों ने रोक लिया। व्यापारियों ने अधिकारियों के सामने लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या रखी और कहा कि हर साल बारिश में मंडी में पानी भर जाता है, जिससे दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
व्यापारियों ने अधिकारियों से यहां तक कहा कि समस्या को समझने के लिए उन्हें पानी में उतरकर स्थिति देखनी चाहिए। मौके पर कुछ लोगों ने नारेबाजी भी की। स्थानीय व्यापारियों का कहना था कि नाले की स्थिति खराब होने के कारण बारिश का पानी जल्दी नहीं निकलता और कई साल से शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है। हालिया बारिश के बाद गोरखपुर के कई हिस्सों में जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं।
व्यापारियों ने कहा- तीन साल से नहीं बदली स्थिति
व्यापारियों का आरोप था कि साहबगंज किराना मंडी में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। बारिश के दिनों में यहां दुकानों और सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। इससे कारोबार प्रभावित होने के साथ-साथ दुकानों में रखा सामान भी खराब होने का खतरा रहता है।
किराना कमेटी के पूर्व अध्यक्ष उमेश मद्धेशिया ने अधिकारियों के सामने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी बदलते रहे, लेकिन मंडी की जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। व्यापारियों का दावा है कि बारिश के दौरान उन्हें हर बार अपने स्तर से नुकसान उठाना पड़ता है।
नए नाले के बावजूद जलनिकासी पर सवाल
व्यापार मंडल के महामंत्री मनीष गुप्ता ने बताया कि इलाके में नया नाला बनाए जाने के बाद भी बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या खत्म नहीं हुई है। उनका कहना था कि नगर निगम में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
व्यापारियों के मुताबिक बारिश के बाद कुछ समय के लिए पानी निकालने और नालों की सफाई की व्यवस्था की जाती है, लेकिन अगली तेज बारिश में फिर वही स्थिति बन जाती है। इससे व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है।
गोरखपुर में जलनिकासी को लेकर नगर निगम पहले भी नालों की सफाई और उनकी क्षमता से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई करता रहा है। हाल में एक निरीक्षण के दौरान कुछ इलाकों में नालों की स्थिति सुधारने और सफाई व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए थे।
व्यापारियों ने बताया करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा
साहबगंज मंडी के व्यापारियों ने जलभराव के कारण बड़े आर्थिक नुकसान का दावा किया। उमेश चंद मद्धेशिया के अनुसार, इस बार मंडी में पानी भरने से करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, यह आंकड़ा व्यापारियों की ओर से बताया गया है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
व्यापारियों ने अधिकारियों से कहा कि बरसात शुरू होने से पहले जलनिकासी की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उनका कहना था कि बारिश के बाद मौके पर पहुंचने के बजाय पहले से नालों की सफाई और पानी निकासी की तैयारी होनी चाहिए।
मेयर ने समाधान का भरोसा दिया
मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि नगर आयुक्त को व्यापारियों से बातचीत करके समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।
नगर निगम की ओर से बारिश के दौरान कई संवेदनशील इलाकों में पंप और सक्शन मशीनों के जरिए पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों को अगले कुछ दिनों तक जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल मशीनें लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गोरखपुर में कई इलाकों में जलभराव की शिकायत
तेज बारिश के बीच गोरखपुर में केवल साहबगंज ही नहीं, बल्कि दूसरे इलाकों में भी जलनिकासी को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी निचले इलाकों, प्रमुख नालों और जलभराव की आशंका वाले स्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं। स्थानीय लोगों से फीडबैक लेकर पानी की निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
साहबगंज मंडी में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच हुई यह बातचीत एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर उठ रही चिंताओं को सामने लाती है। अब व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि बारिश के बाद समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।