गंगटोक। सिक्किम पुलिस ने अपनी तत्परता और तकनीकी जांच के जरिए बड़ी सफलता हासिल की है। दक्षिण सिक्किम से लापता हुई तीन नाबालिग किशोरियों को पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साइबर सेल की मदद से तीनों किशोरियों को अलग-अलग स्थानों से खोज निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण सिक्किम की रहने वाली तीन किशोरियां 29 जुलाई 2026 से लापता थीं। इनमें दो किशोरियों की उम्र 15 वर्ष और एक किशोरी की उम्र 14 वर्ष बताई गई है। जब काफी समय तक किशोरियां घर वापस नहीं लौटीं तो परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों के लापता होने के मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच को प्राथमिकता दी गई। तिमी थाना प्रभारी पीआई सुनील राई और यांगयांग थाना प्रभारी राजीव मुखिया के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम बनाई गई। टीम ने परिजनों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ तकनीकी माध्यमों से भी जांच शुरू की।
जांच के दौरान नामची साइबर सेल की मदद ली गई। साइबर विशेषज्ञों ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए किशोरियों की संभावित लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली कि दो किशोरियां पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं।
लोकेशन की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम तुरंत सिलिगुड़ी पहुंची और दोनों किशोरियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। वहीं, तीसरी किशोरी की लोकेशन गंगटोक के देउराली क्षेत्र में मिली। पुलिस ने वहां पहुंचकर उसे भी सकुशल बरामद कर लिया। तीनों किशोरियों को सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों ने बताया कि मामले में तेजी से जांच करना बेहद जरूरी था, क्योंकि नाबालिगों से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण होती है। पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों और जमीनी स्तर की जांच के बेहतर तालमेल से कम समय में किशोरियों को खोजने में सफलता हासिल की।
बरामद की गई तीनों किशोरियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा किशोरियों से बातचीत कर उनके लापता होने के कारणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, पूरे मामले की आगे की जांच जारी है।
सिक्किम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी भी व्यक्ति के परिवार का सदस्य या बच्चा लापता होता है तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस कार्रवाई तेजी से कर सकती है और लापता लोगों को सुरक्षित ढूंढने की संभावना बढ़ जाती है।
इस मामले में पुलिस की 24 घंटे के अंदर की गई कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर भी सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि अपराध नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार सक्रियता से काम कर रही है। खासतौर पर बच्चों और नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस की प्राथमिकता उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करना होती है।
दक्षिण सिक्किम की इस घटना में पुलिस की सक्रियता, साइबर सेल की तकनीकी सहायता और संयुक्त टीम के प्रयासों के कारण तीनों किशोरियों को सुरक्षित वापस लाया जा सका। पुलिस की इस तत्परता को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।