Shimla. शिमला। उच्च न्यायालय ने विशेष क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अवकाश के चलते घट्टा टोल प्लाजा पर लगने वाले (यूज़र शुल्क) पर यथा स्थिति बरकरार रखने के आदेश जारी किए है, जबकि 17 अक्तूबर को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग धर्मशाला द्वारा पारित आदेश के तहत याचिकाकर्ता को घट्टा प्लाजा के संबंध में संशोधित उपयोगकर्ता शुल्क (यूज़र टोल फीस) वसूलने से रोक दिया था। न्यायाधीश चिराग भानु सिंह ने नेशनल हाई-वे ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया की
याचिका
पर यह आदेश पारित किए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि क्योंकि इसका उचित समाधान कहीं और मौजूद है, इसलिए पक्षों को उपभोक्ता आयोग के पास जाने का निर्देश दिया जाता है। याचिकाकर्ता आयोग के खुलने के पहले ही दिन, यानी 26 अक्तूबर, 2026 को आयोग से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र होगा।


नेशनल हाई-वे अॅथारिटी की ओर से बताया गया कि संशोधित दरें पहले ही पहली सितंबर, 2026 से लागू हो चुकी हैं। इसके परिणामस्वरूप इस रिट याचिका का निपटारा किया जाता है और याचिकाकर्ता को निर्देश दिया जाता है कि यदि उचित लगे, तो वह आयोग के खुलने पर एचपी राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष वैधानिक अपील दायर कर सकता है। हालांकि, जब तक राज्य आयोग इस मामले पर सुनवाई नहीं करता, तब तक दोनों पक्षों को घट्टा टोल प्लाजा पर यूज़र फीस के संबंध में आज की स्थिति बनाए रखनी होगी, जैसा कि धर्मशाला स्थित जिला उपभोक्ता आयोग, कांगड़ा के आदेश में कहा गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य आयोग इस मामले को अपने हाथ में नहीं ले लेता, तब तक दोनों पक्षों को श्यथास्थिति बनाए रखनी होगी। यह यथास्थिति आज की स्थिति के अनुसार होगी, जो धर्मशाला स्थित जिला उपभोक्ता आयोग, कांगड़ा द्वारा पारित आदेश के संदर्भ में घट्टा टोल प्लाजा पर लगने वाले यूज़र शुल्क से संबंधित है।
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