हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर अपना फैसला सुनाया, 15 करोड़ यूजर्स के लिए बड़ी खबर

Update: 2026-06-19 05:15 GMT
Telegram: टेलीग्राम ऐप के 15 करोड़ यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 जून से पहले ऐप से बैन हटाने से इनकार करते हुए टेलीग्राम की ओर से दायर याचिका रद्द कर दी है। अदालत ने सरकार के कदम को सही बताया है। जस्टिस तेजस करिया ने IT एक्ट के सेक्शन 69A के तहत जारी ऑर्डर के खिलाफ चुनौती को खारिज करते हुए, 22 जून तक टेलीग्राम को ब्लॉक करने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा।
इससे पहले जस्टिस तेजस करिया की वेकेशन बेंच ने केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल इसलिए कि कुछ यूजर्स परीक्षा दे रहे हैं,मैसेजिंग ऐप के 15 करोड़ यूजर्स के अधिकारों को कैसे सीमित किया जा सकता है? नीट की परीक्षा से पहले ऐप के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने ऐप पर कुछ दिनों के लिए रोक लगा दी थी। टेलीग्राम की ओर से अदालत में इसे चुनौती दी गई। अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को हुई थी। लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बीच 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया। सीबीआई पेपर लीक की जांच कर रही है। 21 जून को दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने कई तरह के कदम उठाए हैं। प्रश्नपत्रों को इस बार जहां एयर फोर्स के विमानों से भेजा गया है तो टेलीग्राम पर 22 जून तक के लिए अस्थायी रोक लगा दी गई। 3 मई वाली परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी में टेलीग्राम ऐप के इस्तेमाल का आरोप भी लगा है।
केंद्र सरकार ने दलील दी कि टेलीग्राम के दुरुपयोग किए जाने की पूरी आशंका है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एक टेलीग्राम अकाउंट से 40 तक 'बॉट्स' बनाए जा सकते हैं। मेहता ने बताया कि रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल अक्सर आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है और इसकी संरचना की वजह से अलग-अलग इलाकों में कार्यरत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मेहता ने कहा, 'फेसबुक या व्हाट्सऐप जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म के साथ यह समस्या नहीं होती है। यह प्लैटफॉर्म 'क्लाउड' के जरिए काम करता है, इसलिए अगर हम किसी चीज को ब्लॉक भी कर दें और कोई गड़बड़ी करे, तो भी कानून प्रवर्तन एजेंसी उस व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकती।'
Tags:    

Similar News