Jalandhar. जालंधर। जालंधर में बस स्टैंड के पास स्थित आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर शनिवार को अपॉइंटमेंट लेकर पहुंचे लोगों को ताले लगे मिले। करीब 40 से अधिक लोग तय समय पर ट्रैक पहुंचकर खाली हाथ लौट गए, जिससे नाराजगी और असुविधा बढ़ गई। जानकारी के अनुसार, लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पहले से अपॉइंटमेंट लिया था। कुछ तो महीनों पहले ही प्रक्रिया शुरू कर चुके थे। एक व्यक्ति ने बताया कि उसे 3 जनवरी को टेस्ट के लिए तारीख दी गई थी। तय समय पर पहुंचने पर उसने पाया कि ट्रैक के गेट पर ताले लगे हैं और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है। बाद में उसे दोबारा अपॉइंटमेंट लेने को कहा गया। इससे न केवल उसका समय बर्बाद हुआ, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
इसी तरह दूसरी बार लाइसेंस बनवाने आए एक अन्य व्यक्ति ने भी कहा कि उसने फीस जमा करवा कर अपॉइंटमेंट लिया था, लेकिन दफ्तर बंद होने के कारण उसका समय और पैसा दोनों खराब हो गए। पीड़ितों का कहना है कि वे अपने काम-धंधे छोड़कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आते हैं, लेकिन बार-बार इस तरह की लापरवाही से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि इस तरह की स्थिति आम जनता के लिए असुविधाजनक है और समय-समय पर इसके कारण लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
पब्लिक ने सुझाव दिया कि आरटीओ प्रशासन को टेस्ट ट्रैक की नियमित निगरानी करनी चाहिए और किसी भी छुट्टी या बंद रहने की स्थिति में अग्रिम सूचना जारी करनी चाहिए। इसके साथ ही डिजिटल सिस्टम के माध्यम से अपॉइंटमेंट और भुगतान का स्पष्ट रिकॉर्ड रखा जाए ताकि भविष्य में इसी तरह की समस्या न आए। स्थानीय लोगों ने कहा कि वे लाइसेंस बनवाने के लिए पहले ही निर्धारित तारीख और समय पर आते हैं, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनका समय और मेहनत बेकार हो जाती है। ऐसे में लोगों में प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ रहा है।
इस मामले में नागरिकों ने आरटीओ प्रशासन से अपील की है कि वह जनता की सुविधा और आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए टेस्ट ट्रैक को नियमित रूप से चालू रखें और अपॉइंटमेंट प्रक्रिया को सुचारु बनाए। उन्होंने कहा कि यदि यह समस्या लगातार बनी रही तो लोग अतिरिक्त शिकायतें दर्ज कराएंगे और इस पर व्यापक ध्यान देने की मांग करेंगे। जालंधर में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बंद होने की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और जनता की परेशानियों को उजागर करती है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि सरकार और प्रशासन इस ओर तुरंत कदम उठाएं ताकि भविष्य में आम जनता को बार-बार असुविधा का सामना न करना पड़े।