गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड में एक सैलून के अंदर उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब अचानक एक लंगूर दुकान में घुस आया. सैलून में उस समय कुर्सी, शीशा और ग्राहकों की जगह एक लंगूर ने कब्जा जमा लिया. लंगूर को देखते ही नाई घबरा गया और दुकान छोड़कर बाहर भाग निकला. नाई के दुकान से बाहर निकलने के बाद लंगूर सैलून के अंदर ही घूमता रहा. इसी दौरान उसकी नजर सामने लगे बड़े शीशे पर पड़ी. जैसे ही उसने शीशे में अपना चेहरा देखा, उसे सामने एक दूसरा लंगूर नजर आया. इसके बाद लंगूर का पूरा ध्यान शीशे पर टिक गया.
लंगूर को शायद यह समझ नहीं आया कि शीशे में दिखाई दे रही उसी की परछाई है. लंगूर को लगा कि सैलून के अंदर उसके सामने उसका कोई साथी मौजूद है. इसके बाद वह बार-बार शीशे के पास जाने लगा. कभी लंगूर शीशे को बहुत गौर से देखता, तो कभी उसे हाथ लगाकर सामने दिखाई दे रहे अपने कथित साथी को पकड़ने की कोशिश करता. वह कई बार अचानक शीशे पर झपटता. हर बार उसे सामने वही लंगूर दिखाई देता रहा.
लंगूर की इस हरकत से सैलून के बाहर मौजूद लोगों में भी हलचल मच गई. लोग दुकान के बाहर खड़े होकर अंदर का तमाशा देखते रहे. कुछ लोग हैरान थे, तो कुछ इस पूरे घटनाक्रम को लेकर डरे हुए भी थे. लंगूर के अचानक आ जाने से कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था. इसके बाद सैलून के अंदर करीब दो घंटे तक लंगूर का यह ड्रामा चलता रहा. वह कभी दुकान में इधर-उधर घूमता, तो कभी शीशे के सामने जाकर अपनी ही परछाई को देखता. कुछ देर बाद वह फिर शीशे के करीब पहुंच जाता और उसे छूने की कोशिश करता.
लंगूर के लिए सबसे दिलचस्प बात यह थी कि जब भी वह शीशे में दिखाई दे रहे अपनी ही परछाई के पास पहुंचने की कोशिश करता, सामने वही लंगूर भी दिखाई देता. इससे वह बार-बार शीशे की तरफ लौट आता. बताया जा रहा है कि जब भी लंगूर सैलून से बाहर निकलने की कोशिश करता, उसकी नजर फिर शीशे पर पड़ जाती. शीशे में दिखाई दे रहे अपने ही प्रतिबिंब को देखकर वह फिर वापस दुकान के अंदर लौट आता. इस तरह वह बाहर जाने और फिर शीशे के सामने आने के बीच उलझा रहा.
सैलून के अंदर लंगूर की मौजूदगी के कारण नाई भी काफी देर तक दुकान से दूर रहे. नाई ने पास जाकर लंगूर को हटाने की कोशिश नहीं की. वह दूर से ही पूरे घटनाक्रम को देखते रहे. वहीं आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी इस अनोखी घटना पर टिक गया. लोग दुकान के बाहर खड़े होकर लंगूर की हरकतें देखते रहे. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया. वीडियो में लंगूर को शीशे के सामने खड़े होकर अपने प्रतिबिंब को देखने और उसे पकड़ने की कोशिश करते हुए देखा गया. कभी वह शीशे को ध्यान से देखता, तो कभी अचानक उस पर झपट पड़ता. इसके बाद वह फिर शीशे के सामने लौट आता.
करीब दो घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद आखिरकार लंगूर ने सैलून खाली कर दिया. काफी मशक्कत के बाद वह दुकान से बाहर निकल गया और वहां से चला गया. लंगूर के जाने के बाद सैलून में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली. नाई भी वापस दुकान में पहुंचे. हालांकि करीब दो घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम ने सैलून को एक अलग ही तमाशे में बदल दिया था. इस घटना की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि लंगूर लगातार शीशे में दिखाई दे रहे अपने ही प्रतिबिंब को अपना साथी समझता रहा. वह उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन हर बार शीशे के सामने उसे वही चेहरा नजर आता रहा.
कांडी प्रखंड के इस सैलून में हुई लंगूर की एंट्री ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में कौतूहल पैदा कर दिया. नाई दुकान छोड़कर बाहर भाग गए, लोग दूर से तमाशा देखते रहे और लंगूर करीब दो घंटे तक शीशे में अपने ही ‘साथी’ को तलाशता रहा. आखिर में लंगूर सैलून से बाहर निकल गया, लेकिन उसकी यह अनोखी हरकत लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई. शीशे के सामने अपने ही प्रतिबिंब को साथी समझकर उसे पकड़ने की कोशिश करने वाला यह लंगूर करीब दो घंटे तक सैलून में ऐसा ड्रामा करता रहा, जिसे वहां मौजूद लोग लंबे समय तक याद रखेंगे.
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