मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) ने रविवार को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाला. इस मार्च के दौरान मतदाता सूची और कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया. इस दौरान अपनी स्पीच में राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को लेकर कई तरह के सवाल उठाए साथ ही अपनी दो प्रमुख मांगें भी रखीं.
राज ठाकरे ने कहा कि अब तक जो SIR हुआ है, उसे कैंसिल किया जाए और दूसरी मांग है कि, अब बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए. ठाकरे ने सवाल किया कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच करीब छह महीने में मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हुई?
राज ठाकरे ने कहा कि देश में सत्ता में कौन बैठेगा, इसका फैसला जनता को करना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं. राज ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, 'ज्ञानेश कुमार का चेहरा लगाकर घूम रहे हैं, अच्छा चेहरा लगाइए.'
राज ठाकरे ने कहा कि वह कई साल से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि 2018-19 में ही उन्होंने वोटों की चोरी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा, 'हमें वोट चोरी के खिलाफ कदम उठाना चाहिए. मैंने उस समय भी सोनिया गांधी से कहा था और चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की थी. 2018-19 में ही मैंने कहा था कि वोटों की चोरी हो रही है, क्योंकि इस तरह मतदान हो ही नहीं सकता.'
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद महाराष्ट्र में उस तरह का उत्साह नजर नहीं आया. उन्होंने कहा, 'विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिला, लेकिन महाराष्ट्र में सन्नाटा था. यह कैसी विजय है? लोकसभा से विधानसभा चुनाव के बीच छह महीने में 40 लाख मतदाता बढ़ गए. ऐसा क्या हुआ कि 40 से 60 लाख वोट बढ़ गए?'
राज ठाकरे ने कहा कि देश में सरकार चुनने का अधिकार मतदाताओं का है. उन्होंने कहा, 'इस देश में सत्ता में कौन बैठे, यह जनता को तय करना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं.'
राज ठाकरे ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और उद्योगपतियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि जंगल, एयरपोर्ट और पोर्ट जैसी संपत्तियां एक ही उद्योगपति को दी जा रही हैं. 'एक ही उद्योगपति को जंगल, एयरपोर्ट और पोर्ट दे देने हैं. यह शक्ति आती कहां से है?' राज ठाकरे ने कहा कि उनका विरोध उद्योगपतियों से नहीं है. उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भी देश में कई उद्योगपति आगे बढ़े थे, लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में एक ही उद्योगपति को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया.
मनसे प्रमुख ने सरकार पर जनता की आवाज की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि देश की जनता कितने भी मोर्चे निकाले या विरोध करे, सरकार का रवैया नहीं बदलता. राज ठाकरे ने पेट्रोल की कीमतों से लेकर अमेरिका के साथ संबंधों तक केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
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