आतंकी साजिश नाकाम, पुलिस ने बीकेआई मॉड्यूल का किया भंडाफोड़

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Update: 2025-08-13 10:06 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह में बाधा डालने की पाकिस्तानी कोशिश को पंजाब पुलिस ने विफल कर दिया। राज्य पुलिस ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए राजस्थान से पांच लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं। यह कार्रवाई मंगलवार (12 अगस्त) को हुई, जिसमें पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया। पकड़े गए आरोपियों में से एक व्यक्ति पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

संयुक्त अभियान में मिली सफलता
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि ‘काउंटर इंटेलिजेंस’ (सीआई) जालंधर ने शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर पुलिस के साथ मिलकर यह संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान राजस्थान के टोंक और जयपुर जिलों से तीन किशोरों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह मॉड्यूल बीकेआई सरगना हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के निर्देश पर संचालित हो रहा था। इसके पीछे विदेशी ‘हैंडलर’ मन्नू अगवान, गोपी नवांशहरिया और जीशान अख्तर का नाम सामने आया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के जयपुर जिले के दीदावता गांव निवासी रितिक नारोलिया और पंजाब के कपूरथला जिले के गांव काला संघियां निवासी सोनू कुमार उर्फ काली शामिल हैं। बाकी तीन आरोपी नाबालिग हैं, जिनके नाम कानूनन उजागर नहीं किए गए।

हथियार और विस्फोटक बरामद
अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से
एक हथगोला,
एक .30 बोर पिस्तौल,
दो जिंदा कारतूस, और
दो खोखे बरामद किए।
जांच में यह भी सामने आया कि इस मॉड्यूल ने 7 अगस्त को एसबीएस नगर में स्थित एक शराब की दुकान पर ग्रेनेड से हमला किया था।

स्वतंत्रता दिवस से पहले था हमला करने का प्लान
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आतंकियों को स्वतंत्रता दिवस से पहले की अवधि में हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके निशाने पर भीड़भाड़ वाले स्थान और संवेदनशील इलाके थे। विदेश में बैठे जीशान अख्तर और मन्नू अगवान, पाकिस्तान स्थित बीकेआई सरगना हरविंदर रिंदा के साथ मिलकर इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

गोलाबारी में एक आरोपी घायल
अभियान के दौरान आरोपी सोनू उर्फ काली ने पुलिस टीम पर गोली चलाने की कोशिश की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सोनू के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत एसबीएस नगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत नवांशहर सिटी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस मॉड्यूल के और कितने सदस्य सक्रिय हैं और किन-किन स्थानों पर हमलों की योजना बनाई गई थी। डीजीपी ने कहा कि इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान और विदेशों में बैठे आतंकी आकाओं से जुड़े हैं, जिनका पता लगाया जा रहा है।

आईएसआई की भूमिका और नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस साजिश के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की सीधी भूमिका है। बीकेआई का यह मॉड्यूल राज्य में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने और माहौल बिगाड़ने के लिए तैयार किया गया था। आईएसआई और बीकेआई के बीच लंबे समय से रिश्ते हैं, और हरविंदर सिंह रिंदा इसी कड़ी में पाकिस्तान से भारत में आतंकी नेटवर्क संचालित करता है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस मॉड्यूल ने नाबालिगों को शामिल कर उन्हें आतंकी गतिविधियों में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई थी। पुलिस का मानना है कि कम उम्र के युवाओं को टारगेट करने का मकसद कानून से बचने और गुप्त तरीके से नेटवर्क बढ़ाने का था।

अंतरराज्यीय ऑपरेशन
इस ऑपरेशन की खास बात यह रही कि इसे अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित किया गया। पंजाब पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय कर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि आतंकी संगठनों की किसी भी योजना को समय रहते रोका जा सके। पुलिस अब बरामद हथियारों, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। इससे संपर्क सूत्र, लोकेशन डेटा और बातचीत के सबूत इकट्ठा किए जाएंगे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह मॉड्यूल किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, जिसमें देश के अन्य राज्यों से भी लोग जुड़े हुए हैं।
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