पटना: बिहार में बाढ़ और सूखे की स्थिति को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य और केंद्र की एनडीए सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई इलाकों में बारिश की कमी के कारण किसानों के सामने सूखे का संकट भी खड़ा हो गया है।
तेजस्वी ने सरकार से बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने और किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की।
50 लाख लोगों के प्रभावित होने का किया दावा
तेजस्वी यादव के मुताबिक बिहार करीब 28 दिनों से बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के लगभग 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उनके अनुसार कई जगहों पर लोगों के घरों में पानी घुस गया, मकान क्षतिग्रस्त हुए और घरेलू सामान भी बाढ़ के पानी में बह गया।
उन्होंने कुछ इलाकों में सामुदायिक रसोई और राहत शिविर जल्द बंद किए जाने का आरोप भी लगाया। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि जिन परिवारों के पास रहने और खाने की समस्या है, उन्हें राहत शिविर बंद होने के बाद मदद कैसे मिलेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहत के लिए जरूरी दस्तावेज मांगने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है।
फसल नुकसान और सूखे का भी मुद्दा उठाया
तेजस्वी ने कहा कि बाढ़ के कारण धान, मक्का, सब्जियों और केले की फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित होने का दावा किया। उनका कहना है कि नुकसान झेलने वाले किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
इसके साथ ही उन्होंने कम बारिश वाले क्षेत्रों में सूखे की स्थिति का आकलन कराने की मांग की। तेजस्वी के अनुसार सरकार को बाढ़ और सूखे दोनों से प्रभावित किसानों की स्थिति का सर्वे कराकर सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
आपदा फंड को लेकर सरकार से सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने राज्य की आकस्मिक निधि को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्राकृतिक आपदाओं जैसी परिस्थितियों के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया था।
तेजस्वी ने सरकार से पूछा कि मौजूदा वित्तीय व्यवस्था के तहत आपदा के समय इस्तेमाल होने वाली राशि कितनी है और उसका उपयोग किस तरह किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जून में ही इस निधि से राशि निकाल ली गई थी। हालांकि ये सभी दावे तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए हैं।
शिवराज चौहान के दौरे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
तेजस्वी ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे का भी जिक्र किया। जिसमें उन्होंने यह कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति देखने के बाद ही तैयार की गई रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि रिपोर्ट में राहत, पुनर्वास और नुकसान का आकलन किस तरह किया गया, इसकी जानकारी लोगों के सामने आनी चाहिए।
15 हजार रुपये की तत्काल सहायता की मांग
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री राहत कोष और पीएम केयर्स फंड से बिहार को सहायता दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए अतिरिक्त मदद की मांग की।
उन्होंने बाढ़ के बीच बड़े आयोजनों और खर्च को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की एक-दो महीने की सैलरी देने से सीमित राशि ही जुटेगी, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या बहुत अधिक है।
तेजस्वी यादव ने सरकार से मांग की कि प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को तुरंत 15 हजार रुपये की सहायता दी जाए। इसके अलावा बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों का सर्वे कराकर फसल नुकसान के आधार पर जल्द मुआवजा दिया जाए।
Tags: