नाहन। अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल नाहन में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के तहत ‘जॉयफुल मैथमेटिक्स’ विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्या स्टिमी मारिया ने वेन्यू डायरेक्टर और कनिष्क कुमार ने एसटीएनसी के रूप में समन्वय की जिम्मेदारी निभाई। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को गणित शिक्षण की नवीन, रचनात्मक और प्रभावी विधियों से परिचित करवाना और विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना रहा। सीबीएसई रिसोर्स पर्सन रविंदर सिंह और डा. सुरेश अग्रवाल ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
रविंदर सिंह को गणित, अर्थशास्त्र और वैदिक गणित के शिक्षण का व्यापक अनुभव है तथा वह 50 से अधिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित कर चुके हैं। वहीं, डा. सुरेश अग्रवाल अनुभवी शिक्षाविद्, लेखक, मानसिक गणित विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर हैं। दोनों विशेषज्ञों ने गणित को केवल सूत्रों और गणनाओं तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन के उदाहरणों, रोचक गतिविधियों, तार्किक पहेलियों और व्यावहारिक अनुभवों से जोडऩे पर जोर दिया। शिक्षकों को विद्यार्थी-केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि विद्यार्थी गणित को रटने के बजाय उसकी अवधारणाओं को समझें और आत्मविश्वास के साथ समस्याओं का समाधान कर सकें। प्रधानाचार्या स्टिमी मारिया ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और तार्किक सोच विकसित करना भी है। विद्यालय के चेयरमैन अनिल जैन, महासचिव सचिन जैन और सम्यक जैन ने कार्यशाला पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी शैक्षिक नवाचार और शिक्षक प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई।
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