TMC. टीएमसी। पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च पीजीआई चंडीगढ़ के त्वचा रोग विभाग की ओर से एचआईवीईएस समिट 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय एंटी-हिस्टामाइन से परे अर्टिकेरिया नई संभावनाओं की खोज रखा गया था। सम्मेलन में पित्ती एंजियोएडेमा और दवा से होने वाले त्वचा संबंधी रैशेज के आधुनिक उपचार एवं नई चिकित्सकीय संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। इसके साथ क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

इस क्विज प्रतियोगिता में देशभर से 13 टीमों ने भाग लिया। टांडा मेडिकल कॉलेज के त्वचा डरमेटॉलजी विभागाध्यक्ष एचओडी डॉ के एस मेहता तथा सीनियर त्वचा विशेषज्ञ डॉ पी एस चौहान भी इस सम्मेलन में मौजूद रहे और इनके मार्गदर्शन में टांडा मेडिकल कॉलेज के त्वचा डरमेटॉलजी के डॉक्टर एकता सिंह तथा डॉक्टर विपुल कुमारी ने देश भर से आई 13 टीमों में से क्विज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर टीएमसी का नाम रोशन किया। टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ मिलाप शर्मा ने क्विज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल करने पर बधाई दी।

सम्मेलन में देशभर से त्वचा रोग विशेषज्ञ, एलर्जी विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों के शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, जटिल मरीजों से जुड़े केस डिस्कशन तथा इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से चिकित्सकों को पित्ती रोग की जटिलताओं, इसके विभिन्न प्रकारों और बदलते उपचार विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य पित्ती के उपचार को केवल एंटी-हिस्टामिन दवाओं तक सीमित रखने के बजाय इसके नए और उन्नत उपचार विकल्पों पर चर्चा करना रहा। विशेषज्ञ रोग की जटिल पैथोफिजियोलॉजी, अलग-अलग क्लिनिकल स्थितियों तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा किए। सम्मेलन को त्वचा रोग के क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्सकों के लिए ज्ञानवर्धक मंच के साथ-साथ विशेषज्ञों के बीच संवाद, सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
Tags: