तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की घोषणा, 23 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को परिणाम
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Tamil Nadu. तमिलनाडु। भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार, राज्य में एक चरण में मतदान होगा। 23 अप्रैल 2026 को वोटिंग होगी और मतगणना 4 मई 2026 को घोषित की जाएगी। यह चुनाव तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त होने से पहले आयोजित किया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि तमिलनाडु में चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मतदाता सूची का सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा, बूथ तैयारियों और अन्य आवश्यक तैयारियों का व्यापक आकलन पूरा कर लिया गया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।
चुनाव आयोग के पूर्व दौरे और तैयारियां
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हाल के दौरों के दौरान विधानसभा चुनाव की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने राजनीतिक दलों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और अन्य अधिकारियों से बातचीत कर सभी तैयारियों का जायजा लिया। आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सक्रिय भूमिका की सराहना की। युवा मतदाताओं, पहली बार मतदान करने वालों और स्वीप (SVEEP) कार्यक्रम के प्रतिनिधियों से चर्चा कर मतदाता जागरूकता गतिविधियों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
लोकतंत्र का त्योहार
ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनाव को “लोकतंत्र का त्योहार” करार दिया और कहा कि यह प्रक्रिया न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों की पुष्टि करती है बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय एकता को भी प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि इस बार पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। कुल 824 विधानसभा क्षेत्र और लगभग 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर चुनाव संपन्न होंगे। चुनाव प्रक्रिया में लगभग 25 लाख कर्मचारी विभिन्न स्तरों पर काम करेंगे। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान में भाग लेकर लोकतंत्र की ताकत और जनता की आवाज को मजबूत करें।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का महत्व
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति के लिए अत्यंत अहम माना जाता है। एक चरण में मतदान होने के कारण प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य में चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए आयोग ने कई स्तरों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदाता सूची संशोधन (SIR), बूथ स्तर की तैयारियां और जागरूकता अभियान इस चुनाव का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आयोग ने प्रत्येक बूथ पर मतदान की प्रक्रिया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।
अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में भी आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा – 23 और 29 अप्रैल। असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में मतदान होगा। इन सभी चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल अलग-अलग तिथियों पर समाप्त हो रहा है। पश्चिम बंगाल का कार्यकाल 7 मई को, तमिलनाडु 10 मई को, असम 20 मई को, केरल 23 मई को और पुडुचेरी 15 जून को समाप्त होगा।
मतदाता जागरूकता और सुरक्षा
चुनाव आयोग ने मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया है। मतदाता सूची में संशोधन, पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान और SVEEP कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से तमिलनाडु में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के लिए आयोग ने व्यापक योजना बनाई है।