सुपौल: ललित नारायण विश्वविद्यालय थाना में पदस्थापित सुपौल निवासी प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर लक्ष्मीकुमारी की हत्या की गई है। सरकार और पुलिस महकमे को चाहिए कि इस अतिसंवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय जाँच करे। ज्ञात हो कि पिछले नौ दिसंबर को सुपौल निवासी पीएसआई लक्ष्मीकुमारी का शव उनके कमरे में मिला था। इस मामले के शुरुआती दौर में ही पुलिस प्रशासन द्वारा आत्महत्या का मामला माना गया है लेकिन अब बिहार कांग्रेस ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है । कांग्रेस नेता सह सुपौल विधानसभा से कांग्रेस राजद महागठबँधन के प्रत्याशी रहे मिन्नत रहमानी ने लक्ष्मीकुमारी के आत्महत्या वाली बात को सिरे से नकार दिया है और सरकार एवं पुलिस महकमे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रहमानी ने कहा कि लक्ष्मीकुमारी के परिजन एवं घटना स्थल के हालात तथा लक्ष्मीकुमारी की सोच को देखते हुए स्पष्ट है कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या प्रतीत होता है ।रहमानी ने कहा है कि बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन यदि अपने ही कर्मियों की सुरक्षा एवं उचित न्याय नहीं दिला पाएगी तो आम जनों का सरकार के ऊपर से तथा पुलिस महकमें के ऊपर से विश्वास उठ जाएगा । रहमानी ने माँग किया है कि सरकार को चाहिए कि एक उच्च स्तरीय जाँच टीम गठित कर लक्ष्मीकुमारी की हत्या की जाँच करे अन्यथा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा। ज्ञात हो कि पिछले 9 दिसंबर की रात्रि जिस कमरे में लक्ष्मीकुमारी रह रही थी उसी कमरे में उसकी लाश मिली थी जिसके पश्चात 10 दिसंबर को ही सभी जाँच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके परिजन को शव सौंप दिया गया था। रहमानी ने कहा कि लक्ष्मीकुमारी एक होनहार पुलिस अधिकारी थी तथा परिवार का भरण पोषण करने वाली एकमात्र सदस्य थी इसलिए सरकार को चाहिए उच्च स्तरीय जाँच के साथ साथ परिजन को 50 लाख मुआवज़ा एवं पीड़ित परिवार के आश्रित को नौकरी सुनिश्चित करे ।



 


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