चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्हें महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारे में हुए हमले के बाद भर्ती कराया गया था।
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हमलों की एनआईए जांच की मांग की है। उन्होंने हमले में इस्तेमाल ‘किरपान’ और घायल हाथ की तस्वीरें भी साझा कीं।
बता दें कि सुखबीर बादल पर गुरुवार को नांदेड़ गुरुद्वारे में निहंग वेशधारी व्यक्ति ने हमला किया था। इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उन पर हमले की कोशिश हुई थी। हरसिमरत ने इसे बड़ी साजिश बताते हुए पंजाब पुलिस और आप सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के हमले का आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है और उसे आईएसआई से जुड़ा बताया।
सांसद ने अपने पत्र में चिंता जताई कि राजनीतिक और धार्मिक आधार पर हिंसा को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरु घरों जैसी पवित्र धार्मिक स्थलों पर बार-बार होने वाली हिंसक घटनाएं न केवल सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि पंजाब और देश की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र रहा है। ऐसे में यदि किसी प्रकार के उग्रवादी, अंतरराज्यीय या विदेशी नेटवर्क की भूमिका है, तो उसकी व्यापक जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार इन घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था का मामला मानकर नहीं छोड़ा जा सकता।
हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री से आग्रह किया कि 13 अगस्त 2026 और 4 दिसंबर 2024 की दोनों घटनाओं की एनआईए द्वारा जांच कराई जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या दोनों हमले किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थे। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि जांच के दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान या झूठा फंसाया नहीं जाना चाहिए तथा सच्चाई सामने लाकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की ढिलाई के कारण आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिससे दोबारा हमला हुआ। हरसिमरत ने गृह मंत्री से एनआईए जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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