कर्नाटक। कर्नाटक में गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। किसानों की मांगों और चीनी मिलों से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने के लिए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेलगावी के सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में चीनी मिल मालिकों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों ने हिस्सा लिया। मिल मालिकों के साथ चर्चा के बाद शिवकुमार ने किसानों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
बेलगावी सर्किट हाउस में हुई महत्वपूर्ण बैठक
गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर आयोजित इस बैठक में मंत्री जारकीहोली, विधायक यशवंतराव गौड़ा पाटिल, विधान परिषद सदस्य चन्नाराज हट्टीहोली, राजू सेठ और चीनी मिल मालिक संगमेश निरानी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य गन्ना किसानों और चीनी मिल संचालकों के सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा करना तथा समाधान के संभावित रास्तों पर विचार करना था।
पहले चीनी मिल मालिकों से चर्चा, फिर किसानों की सुनी समस्याएं
डीके शिवकुमार ने सबसे पहले चीनी मिल मालिकों के साथ विस्तृत बातचीत की। इसके बाद उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी शिकायतों और मांगों को सुना। किसानों और मिल मालिकों के बीच गन्ने की कीमत, पेराई और अन्य आर्थिक मुद्दों को लेकर समन्वय बनाना सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। हालांकि, बैठक में किसी विशेष मांग पर अंतिम सहमति बनने की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
गन्ने की कीमत और पेराई व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दे
गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति काफी हद तक उनकी उपज के उचित मूल्य और समय पर पेराई होने पर निर्भर करती है। इससे पहले डीके शिवकुमार ने कहा था कि चीनी की कीमत तय किए बिना संबंधित समस्याओं का समाधान निकालना मुश्किल है। उन्होंने किसान स्वामित्व वाली चीनी मिलों को गन्ने की पेराई की अनुमति देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के साथ केंद्र सरकार को भी विश्वास में लेना जरूरी है।
किसानों की मांगों पर सरकार की नजर
बेलगावी में हुई बैठक को किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार के सामने किसानों के हितों और चीनी उद्योग की व्यावहारिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की जिम्मेदारी है। बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों और चीनी मिल मालिकों के साथ चर्चा के बाद किसानों की शिकायतें सुनने का क्रम भी जारी रहा।
अब सरकार के अगले फैसले का इंतजार
फिलहाल बैठक के बाद किसी अंतिम समझौते या नई सरकारी घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में गन्ना किसानों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर बनी हुई है। आने वाले समय में अधिकारियों और केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या निर्णय लिए जाते हैं।
Tags: