पाकिस्तान के लिए जासूसी, यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर खुले कई राज
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नई दिल्ली: हरियाणा की रहने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (YouTuber Jyoti Malhotra) पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने का संदेह जताया गया है. सूत्रों के अनुसार, ISI उसे भारतीय गुप्त एजेंटों की पहचान करने के लिए इस्तेमाल कर रही थी. इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम कर रही है. फिलहाल ज्योति पांच दिन की पुलिस हिरासत में है.
जांच एजेंसियों को ज्योति और ISI हैंडलर अली हसन के बीच की व्हाट्सएप चैट मिली है जिसमें 'प्रोटोकॉल' और 'अंडरकवर एजेंट' जैसे शब्दों का प्रयोग हुआ है. एक संदेश में अली ने पूछा था, 'जब तुम अटारी बॉर्डर पर थीं तो किसे प्रोटोकॉल मिला?' जवाब में ज्योति ने कहा, 'मुझे नहीं मिला,' और फिर जोड़ा, 'वे इतने बेवकूफ नहीं थे.' इस बातचीत से एजेंसियों को शक है कि ISI उसे भारतीय एजेंटों की पहचान करने के लिए दिशा-निर्देश दे रही थी.
ज्योति मल्होत्रा ने 2023 में 324वें वैसाखी पर्व के दौरान पाकिस्तान का दौरा किया था. वहीं से उसके संबंध पाक अधिकारियों से बनना शुरू हुए. जांच में पता चला है कि उसकी बातचीत पाक उच्चायोग के अधिकारी एहसान डार उर्फ दानिश से भी हुई थी, जिसे भारत ने हाल ही में 13 मई को 'persona non grata' घोषित किया है और देश से बाहर कर दिया है.
ज्योति से जब इन संपर्कों के बारे में पूछा गया, तो उसने शुरुआत में किसी भी तरह की जानकारी से इनकार किया. लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि वह लगातार पूछताछ में गोलमोल जवाब दे रही है और तथ्यों को छुपाने की कोशिश कर रही है.
इसके अलावा, अप्रैल 2024 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद उसका एक वीडियो भी चर्चा में आया था, जिसमें उसने हमले का दोष भारतीय सुरक्षा एजेंसियों पर मढ़ने की कोशिश की थी. इस वीडियो और उसकी गतिविधियों ने जांच एजेंसियों को और अधिक चौकन्ना कर दिया है. फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ज्योति ने जानबूझकर ISI की मदद की या वह किसी बड़ी जासूसी साजिश का हिस्सा बनकर इस्तेमाल हुई.