राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का तीखा हमला, बोलीं- प्रिंस दिखा रहे राजनीतिक नखरे
'राजकुमार को सम्राट बनने का सपना', स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तंज
दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने राहुल गांधी को 'प्रिंस इन वेटिंग' बताया। स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से सत्ता हासिल करने के बजाय दूसरे तरीकों से सरकार बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
'प्रिंस इन वेटिंग कर रहे राजनीतिक नखरे'
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ऐसा राजकुमार, जो खुद को सम्राट घोषित किए जाने की उम्मीद कर रहा है, राजनीतिक नखरे दिखा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके समर्थक चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन करना है। ईरानी ने दावा किया कि विपक्ष के कुछ नेताओं की बयानबाजी से उनके राजनीतिक उद्देश्यों का पता चलता है।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर घेरा
भाजपा नेता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ आरोप लगाते समय ठोस तथ्यों और प्रमाणों का होना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस से चुनावी हार के कारणों पर विचार करने की बात भी कही। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं तथा पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
प्रशांत भूषण के बयान पर भी किया पलटवार
स्मृति ईरानी ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का अधिकार मतदाताओं के पास है। केवल किसी व्यक्ति या संगठन की इच्छा के आधार पर सत्ता परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ईरानी ने कहा कि देश के 90 करोड़ मतदाताओं के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रशांत भूषण के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है।
सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर बढ़ा विवाद
दरअसल, प्रशांत भूषण ने गुरुवार को कहा था कि सत्ता परिवर्तन की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया था। भूषण ने कहा कि नागरिकों को सरकार की नीतियों का विरोध करने और लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव की मांग करने का अधिकार है।
SIR को लेकर जारी है सियासी घमासान
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां विपक्ष पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रही है। स्मृति ईरानी के ताजा बयान ने राहुल गांधी, चुनाव आयोग और सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।