किश्तवाड़ जिले के छात्रू इलाके में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात के दौरान हुई मौत के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच जम्मू की स्पेशल क्राइम विंग करेगी। पुलिस मुख्यालय ने घटना के 10 दिन बाद स्थानीय लोगों की मांग को मानते हुए यह केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। इससे पीड़ित परिवार की न्याय की उम्मीद जगी है। जांच का नेतृत्व स्पेशल क्राइम विंग के एसएचओ संजय कुमार परिहार और जावेद इकबाल तबस्सुम करेंगे। इसके पहले छात्रा के पिता ने क्राइम ब्रांच से कई पहलुओं की जांच की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर सोमवार को सुनवाई है।
आरोप है कि पांचवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा के स्कूल शिक्षक ने कई महीनों तक उसका शारीरिक शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। बताया जाता है कि वह सात माह की गर्भवती थी। 10 अगस्त को तबीयत बिगड़ने के बाद उसके स्वजन उसे पीएचसी छात्रू ले गए थे। यहां से जिला अस्पताल किश्तवाड़ ले जाया गया। 20 अगस्त को गर्भपात कराने की प्रक्रिया के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मामले ने गंभीर तूल पकड़ लिया था। परिवार और स्थानीय लोग घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
मामले की जांच के लिए किश्तवाड़ पुलिस ने पहले ही एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी अब तक मुख्य आरोपी शिक्षक एवं स्कूल का हेडमास्टर खालिद हुसैन, उसके भाई तारिक हुसैन, किश्तवाड़ जिला अस्पताल का सफाई कर्मी फारूक अहमद और नर्स सोनिका समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस छात्रा से दुष्कर्म से लेकर उसकी मौत तक जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
अब केस को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करने का यह फैसला निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसमें छात्रू से लेकर किश्तवाड़ जिला अस्पताल तक के कर्मचारियों की भूमिका की जांच होगी। क्राइम ब्रांच की आईजी सारा रिजवी ने पुष्टि की है कि एजेंसी को पुलिस हेडक्वार्टर से मामला ट्रांसफर होने की जानकारी मिल गई है और वे केस को अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया में हैं।