मुंबई: गायक हरिहरन अपनी पत्नी ललिता हरिहरन के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से एक सौजन्य भेंट (मुलाकात) करने पहुंचे थे। उन्होंने इस मुलाकात को अपने परिवार की चार पीढ़ियों के लिए एक बड़ा सम्मान बताया।
गायक ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके परिवार को राष्ट्रपति को 'द एंथम - वंदे मातरम' का एक स्पेशल विनाइल एडिशन और एक खास टर्नटेबल भेंट करने का मौका मिला।
गायक हरिहरन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की जमकर प्रशंसा की और कहा कि राष्ट्रपति की गर्मजोशी और शालीनता देखना बेहद खास रहा। उन्होंने अपनी मां अलमेलु मणि के साथ हुई बातचीत को बेहद स्नेहपूर्ण बताया और कहा कि यह याद उनके परिवार के लिए जीवनभर की यादगार रहेगी।
गायक हरिहरन ने लिखा, "हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसा एक दिन।" उन्होंने आगे लिखा, "राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी से मिलना मेरे और मेरे पूरे परिवार के लिए, चार पीढ़ियों के लिए, बहुत बड़ा सम्मान और सौभाग्य की बात थी। हमें उन्हें 'द एंथम-वंदे मातरम' का स्पेशल विनाइल एडिशन और एक खास टर्नटेबल भेंट करने का सौभाग्य मिला।"
अपनी बात को खत्म करते हुए गायक हरिहरन ने लिखा, "उनकी गर्मजोशी, शालीनता और सम्मान को देखना, खासकर उन खूबसूरत पलों में जब उन्होंने मेरी मां अलमेलु मणि के साथ स्नेह और आदर साझा किया, एक ऐसी याद है जिसे हम जीवनभर संजोकर रखेंगे। संगीत राष्ट्र के लिए हमारी एक छोटी सी भेंट है और अपने प्रियजनों की मौजूदगी में राष्ट्रपति का आशीर्वाद मिलना इस सफर को सच में पूरा करता है।"
हरिहरन भारत के सबसे मशहूर प्लेबैक सिंगर्स में से एक हैं, जो हिंदी, तमिल, मलयालम, तेलुगु और दूसरी भाषाओं में गाने और वर्सेटिलिटी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1980 के दशक में अपना करियर शुरू किया था और भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें 2004 में पद्म श्री समेत कई सम्मान मिले। उनके मशहूर गानों में बॉम्बे का 'तू ही रे', रोजा का 'रोजा जानेमन' और खामोशी का 'बांहों के दरमियान' जैसे कई और गाने शामिल हैं।
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