तीन हफ्ते समुद्र में भटकते रहे 7 मछुआरे पश्चिम बंगाल तट के पास मिले सुरक्षित
Amravati अमरावती। आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले से समुद्र में मछली पकड़ने गए सात मछुआरों को तीन सप्ताह बाद सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। ये सभी मछुआरे पश्चिम बंगाल के तट के पास मिले हैं। मछुआरों के सुरक्षित मिलने की खबर से उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। जानकारी के अनुसार, कोनासीमा जिले के ओडलारेवु फिश लैंडिंग सेंटर से सात मछुआरे 3 अगस्त को समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकले थे। इसके बाद उनकी नाव में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण नाव का नियंत्रण बिगड़ गया और वह समुद्र में आगे की ओर बहने लगी।
बताया जा रहा है कि तेज हवाओं के कारण नाव धीरे-धीरे आंध्र प्रदेश के तट से दूर चली गई और पश्चिम बंगाल की दिशा में पहुंच गई। कई दिनों तक मछुआरों का संपर्क टूटने के बाद परिवारों और स्थानीय प्रशासन में चिंता बढ़ गई थी। लापता होने की सूचना मिलने के बाद मछुआरों की तलाश शुरू की गई थी। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई थी। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार तीन सप्ताह बाद सभी सात मछुआरों का पता चल गया।
अधिकारियों के अनुसार, मछुआरे पश्चिम बंगाल के तट के पास सुरक्षित पाए गए। उनकी स्थिति की जांच की जा रही है और उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मछुआरों के परिवारों ने राहत की सांस ली है। परिजनों को लगातार उनके सुरक्षित लौटने का इंतजार था। सूचना मिलने के बाद परिवारों में खुशी का माहौल है और उन्होंने प्रशासन व बचाव टीमों का आभार जताया है। समुद्र में इस तरह की घटनाएं अक्सर खराब मौसम, तेज हवाओं और तकनीकी खराबी के कारण सामने आती हैं। मछुआरों के लिए समुद्र में जाने से पहले नावों की जांच और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मछुआरों को सुरक्षित वापस लाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर समुद्र में मछली पकड़ने जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन की ओर से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सावधानी बरतने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। तीन सप्ताह तक समुद्र में भटकने के बाद सातों मछुआरों का सुरक्षित मिलना बड़ी राहत की खबर है। अब उनके जल्द अपने परिवारों के बीच लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।