Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में चलती सुपरफास्ट ट्रेन के एसी कोच में अवैध रूप से शराब परोसने का मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक अटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया है, जो यात्रियों को उनकी मांग पर शराब उपलब्ध करा रहा था। आरोपी के पास से बियर, वोडका और विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई हैं। जानकारी के अनुसार, निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस (22868) में एसी कोच के भीतर अवैध रूप से शराब परोसे जाने की सूचना आरपीएफ को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ पोस्ट दुर्ग ने तत्काल आबकारी विभाग को इसकी जानकारी दी और संयुक्त टीम का गठन किया गया। इसके बाद ट्रेन की निगरानी शुरू की गई और दुर्ग स्टेशन पर कार्रवाई की योजना बनाई गई।
जैसे ही ट्रेन दुर्ग स्टेशन पर पहुंची, संयुक्त टीम ने एसी कोच नंबर बी-7 में छापेमारी की। इस दौरान एक संदिग्ध अटेंडेंट को हिरासत में लिया गया, जिसकी पहचान रीमन दास के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर उसके बैग से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसमें 18 कैन बियर, एक बोतल वोडका और तीन बोतल विदेशी शराब शामिल थीं। पुलिस और आबकारी विभाग ने आरोपी से शराब के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह यात्रियों को उनके अनुरोध पर शराब उपलब्ध कराता था और इसके बदले पैसे लेता था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ट्रेन के भीतर अवैध रूप से शराब की आपूर्ति की जा रही थी। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्योंकि चलती ट्रेन के एसी कोच में इस तरह की गतिविधियां यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के खिलाफ मानी जाती हैं।
रेलवे नियमों के अनुसार ट्रेनों में शराब का अवैध परिवहन और बिक्री प्रतिबंधित है, विशेषकर बिना अनुमति के। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह मामला गंभीर है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले इस गतिविधि में शामिल था या किसी नेटवर्क के तहत काम कर रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शराब ट्रेन में कैसे पहुंचाई जा रही थी और किन रास्तों से इसकी सप्लाई हो रही थी। आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। रेलवे सुरक्षा बल ने भी स्पष्ट किया है कि ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी ट्रेनों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस घटना के बाद यात्रियों में भी चिंता का माहौल देखा गया है। कई यात्रियों ने कहा कि ट्रेनों में इस तरह की गतिविधियां सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध शराब आपूर्ति के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।