वाराणसी: वाराणसी और दिल्ली के बीच रेल सफर करने वाले यात्रियों के लिए नई सुविधा शुरू हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन से देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी। दोनों शहरों के बीच करीब 9 घंटे में सफर पूरा होगा। इसे खासतौर पर रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। वाराणसी से प्रत्येक शुक्रवार और नई दिल्ली से प्रत्येक शनिवार को इसका संचालन नहीं होगा। रास्ते में प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद में ठहराव दिया गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने ट्रेन के अलग-अलग कोच का निरीक्षण किया और वहां मौजूद स्कूली बच्चों से बातचीत भी की। एक छात्र ने 'बनारस विकसित भारत' विषय पर बनाई पेंटिंग दिखाई, जिसकी दोनों नेताओं ने तारीफ की।
16 कोच में 1128 यात्रियों के सफर की व्यवस्था
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है। इसमें कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें 11 थर्ड एसी, चार सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। ट्रेन में कुल 1128 यात्रियों के लिए बर्थ उपलब्ध हैं। इस ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है, जबकि इसके संचालन की स्वीकृत अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम के कारण सफर के दौरान झटके और बाहरी शोर कम करने की व्यवस्था की गई है।
फर्स्ट एसी में मिलेगी शॉवर की सुविधा
यात्रियों को आरामदायक सफर देने के लिए कोच के अंदरूनी हिस्से को आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है। थर्ड एसी का इंटीरियर भी सामान्य ट्रेनों के फर्स्ट एसी जैसा अनुभव देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। हर बर्थ पर मोबाइल चार्ज करने के लिए पॉइंट और पढ़ने के लिए अलग लाइट दी गई है। मिडिल और अपर बर्थ तक पहुंचने के लिए नई डिजाइन की सीढ़ियां लगाई गई हैं। फर्स्ट एसी में बेहतर केबिन और बाथरूम के साथ शॉवर की सुविधा भी मिलेगी। ट्रेन के सभी कोच में इंडियन और वेस्टर्न स्टाइल के बायो टॉयलेट लगाए गए हैं।
सीसीटीवी और ऑटोमैटिक दरवाजों से होगी सुरक्षा
ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ऑटोमैटिक दरवाजे और आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम भी दिया गया है। इस ट्रेन में RAC और वेटिंग टिकट पर यात्रा करने की सुविधा नहीं होगी। केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकेंगे। इससे कोच में निर्धारित क्षमता से ज्यादा यात्रियों की भीड़ नहीं होगी और हर यात्री को अपनी बर्थ मिल सकेगी।
कितना होगा वाराणसी से दिल्ली का किराया?
वंदे भारत स्लीपर का किराया दूसरी प्रमुख ट्रेनों के मुकाबले अधिक रखा गया है। पांच प्रतिशत GST जोड़ने के बाद अलग-अलग श्रेणियों का अनुमानित किराया इस प्रकार है। श्रेणी & किराया : थर्ड एसी – 1,910 रुपये, सेकेंड एसी – 2,467 रुपये और फर्स्ट एसी – 3,024 रुपये।
तुलना करें तो शिवगंगा और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के थर्ड एसी टिकट के मुकाबले वंदे भारत में करीब 740 से 750 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे। सेकेंड एसी में भी दूसरी ट्रेनों की तुलना में किराया अधिक है। हालांकि, यात्रियों को रातभर के सफर में आधुनिक सुविधाएं और आरामदायक बर्थ मिलेंगी।
दो नई मेमू ट्रेनों की भी मिली सौगात
वाराणसी क्षेत्र के स्थानीय यात्रियों के लिए भी रेलवे ने नई सेवाओं की घोषणा की है। वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों में 12 कोच होंगे। रास्ते में वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशन पर ठहराव मिलेगा। इसके अलावा बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच भी मेमू सेवा को आगे बढ़ाने की योजना है। छात्रों के लिए वाराणसी सिटी से राजातालाब तक मासिक टिकट 95 रुपये और बनारस से प्रयागराज रामबाग तक 220 रुपये निर्धारित किया गया है।
पहली वंदे भारत स्लीपर जनवरी में हुई थी शुरू
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से रवाना किया था। अब वाराणसी से दिल्ली के बीच दूसरी स्लीपर ट्रेन शुरू होने से उत्तर प्रदेश को भी यह सुविधा मिल गई है। रेलवे का उद्देश्य लंबी दूरी की रात की यात्राओं को अधिक आरामदायक बनाना है। वाराणसी से रात में रवाना होकर सुबह दिल्ली पहुंचने और दिल्ली से रात में चलकर सुबह काशी पहुंचने की सुविधा यात्रियों के लिए इस ट्रेन की प्रमुख खासियत है।