ठगी: 6 करोड़ रुपए के फर्जी निवेश धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार
Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भुवनेश्वर से एक व्यक्ति को 6 करोड़ रुपए के निवेश धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधी की पहचान वेदगिरी श्रीनिवासराव (39 वर्ष) के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश के गुंटूर क्षेत्र का निवासी है। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि गंजम जिले के बरहमपुर के एक व्यवसायी का 7 मई, 2024 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक अज्ञात साइबर जालसाज से संपर्क हुआ। जालसाज ने खुद को हांगकांग स्थित आईबीएम में सॉफ्टवेयर डेवलपर बताया। इसके बाद उसने पीड़ित व्यवसायी को अपने फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से बातचीत करने के लिए राजी कर लिया।
महिला साइबर अपराधी (संजना श्रीनिवासन) ने पीड़ित को बताया कि उसकी आईबीएम टीम डिजिटल मुद्रा विनिमय के लिए जेडएआईएफ में एक डेटा सेंटर स्थापित कर रही है। उसने उस व्यवसायी को जेडएआईएफ में ट्रेडिंग खाता खोलने और ट्रेडिंग करने के लिए राजी कर लिया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि 30 मई, 2024 को शिकायतकर्ता के ट्रेडिंग खाते में 11,292 डॉलर का ऋण दिख रहा था। जब उसने संजना को इस बारे में बताया, तो उसने उसे नुकसान की भरपाई के लिए और अधिक पैसा निवेश करने की सलाह दी।
इसके बाद, पीड़ित ने ट्रेडिंग जारी रखी और उसके खाते में अच्छा खासा मुनाफा दिखने लगा। ट्रेडिंग के दौरान, उसे बार-बार लाभ और हानि का सामना करना पड़ा, जो केवल उसके ट्रेडिंग खाते में ही दिखाया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो जेडएआईएफ के कस्टमर केयर ने उनसे बकाया राशि का 20 प्रतिशत जमा करने को कहा। इसलिए, उन्होंने 89 लाख रुपए जमा कर दिए, लेकिन जोखिम नियंत्रण टीम ने किसी न किसी बहाने से उनकी धनराशि जारी करने से इनकार कर दिया। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे अज्ञात साइबर जालसाजों, जेडएआईएफ ट्रेडिंग कंपनी और उनके सहयोगियों द्वारा रची गई एक सुनियोजित साजिश का शिकार हो गए हैं।”
पीड़ित ने कथित तौर पर 23 मई से 24 जून, 2024 के बीच संजना श्रीनिवासन (साइबर धोखाधड़ी करने वाली) के निर्देशानुसार कुल 6,16,37,084 रुपए विभिन्न खातों में स्थानांतरित किए थे। पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, अपराध शाखा ने 9 जुलाई, 2024 को इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने लेन-देन की जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपी श्रीनिवासराव को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच ने इससे पहले इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से पांच को गुजरात के सूरत से और एक को पंजाब के लुधियाना से पकड़ा गया था।