Madhya Pradesh मध्य प्रदेश: रीवा स्थित शासकीय गांधी स्मारक चिकित्सालय में प्रसव के बाद महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने अब तक चार स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं जांच के लिए भोपाल से छह सदस्यीय टीम रीवा पहुंची है।
जानकारी के मुताबिक, मनगवां क्षेत्र निवासी कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त को प्रसव के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार डिलीवरी के बाद महिला और उसके नवजात बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। 26 अगस्त की रात दोनों की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग आक्रोशित हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर उचित इलाज नहीं मिला और डॉक्टरों व नर्सों का व्यवहार भी ठीक नहीं था। उनका कहना है कि अगर समय रहते बेहतर उपचार मिलता तो महिला और बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।




मामले के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला अस्पताल के वार्ड से बाहर आकर मदद मांगती दिखाई दे रही है। वीडियो में वह रोते हुए अपनी परेशानी बता रही है और इलाज को लेकर चिंता जाहिर कर रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। घटना के विरोध में परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी मिलने के बाद मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
अस्पताल प्रबंधन ने प्रारंभिक जांच के बाद पहले दो नर्सों को निलंबित किया। इसके बाद जांच में ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. निधि पांडे को भी निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच के लिए भोपाल से छह सदस्यीय टीम रीवा पहुंची है। टीम अस्पताल के रिकॉर्ड, इलाज से जुड़े दस्तावेज और डॉक्टरों व नर्सों के बयान की जांच कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि महिला और नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरती गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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