Maharashtra महाराष्ट्र। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचव की शिकायत पर दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों ने कार्रवाई के आदेश दिए, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाया जाना चाहिए।
पिंपरी चिंचवड़ में मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि पूरे मामले की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी या व्यक्ति ने गलत आदेश दिए हैं तो उन्हें कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी यही कहना है और विपक्ष के सभी लोग इस मामले में जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचव पैलेट गन से घायल हुए थे। उनकी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस घटना को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
संजय राउत ने कहा कि किसी भी घटना में यह पता लगाना जरूरी होता है कि कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई और उसमें किसकी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी मांग रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन गलत तरीके से कार्रवाई करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं। विपक्ष का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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