मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी में दिल को दहला देने वाली घटना हुई है. हरसिद्धि में पिछले साल आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की गोली मारकर हत्या हुई थी और आज पिता को इंसाफ न मिलने पर बेटे रोहित ने आत्मदाह कर लिया. वहीं, रोहित के दादा विजय अग्रवाल ने हॉस्पिटल से एक वीडियो जारी कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

बता दें कि हरसिद्धि में पिछले वर्ष आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या के बाद पुलिस कार्यशैली से नाराज उनके पुत्र रोहित ने अपने शरीर में आग लगाकर तीन मंजिला भवन से छलांग लगा दी. आत्मदाह करने से गंभीर रूप से जख्मी रोहित की इलाज के दौरान मौत हो गई. रोहित की मौत के बाद उसके दादा विजय अग्रवाल ने अपना दर्द बयां करते हुए पुलिस की कार्यशैली की पोल खोल कर रख दी है. रोहित के आत्मदाह करके जान देने से टूट चुके उसके दादा अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
आरोप है कि एसपी से मुलाकात नहीं होने के कारण रोहित ने रात में पड़ोस के तीन तल्ला छत पर से छलांग लगा दिया. छत से कूदने के पहले रोहित ने अपने शरीर में आग लगा ली थी और उसने प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाये थे. छत से कूदने पर वह बिजली प्रवाहित हाई टेंशन तार पर गिरा, जिस कारण वह बुरी तरह झुलस गया. वहीं, रोहित के शव के आगे बिलखती मां अपने किस्मत को कोस रही है कि पिछले वर्ष अपराधियों ने आरटीआई कार्यकर्ता रहे उनके पति की हत्या कर दी थी और आज सिस्टम ने उसके बेटे की जान ले ली है.
बता दें कि 24 सितंबर 2021 को हरसिद्धि प्रखंड कार्यालय गेट के पास आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की दिन दहाड़े अपराधियों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी. परिजनों ने अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. घटना के बाद पुलिस अनुसंधान में कई लोगों के नाम सामने आए. जिसमें से सात लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. वहीं, छह की गिरफ्तारी होनी बाकी है. विपिन अग्रवाल के परिजन हरसिद्धि बाजार के कुछ अन्य भू माफियाओं और सफेदपोशों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. जिसे लेकर कई बार विपिन के परिजन अधिकारियों के यहां गुहार लगा चुके हैं. साथ ही कई बार वे लोग सड़क पर भी उतरे थे. हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला था.
इधर, आरटीआई कार्यकर्ता के परिजन द्वारा लगाए गए आरोपों को एसपी ने खारिज करते हुए एसपी कार्यालय का सीसीटीव फुटेज जारी किया और कहा कि रोहित की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है. एसपी ने बताया कि रोहित के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ था. मृतक के परिजन को मुआवजा दिलवाने के लिए एसपी ने पहल की है. पुलिस पर भरोसा नहीं होने की बात जानकर एसपी ने आरटीआई कार्यकर्ता हत्याकांड का केश सीआईडी के हवाले करने की भी बात कही है.
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