शिमला। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण कई महीनों से लटका हुआ है। प्रदेश में कुल 224 सड़कों का निर्माण होना है, लेकिन बजट की कमी और प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण अधिकांश सड़कों का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार, इन सड़कों के निर्माण के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं, लेकिन धनराशि के अभाव में लोक निर्माण विभाग प्रशासनिक अनुमति और व्यय स्वीकृति जारी नहीं कर सका। कुछ सड़कों के मामले आगामी कार्रवाई के लिए भेजे गए हैं, जबकि चौपाल हलके की प्रस्तावित सड़कों के एस्टीमेट उपमंडल स्तर पर तैयार किए जा रहे हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण की संख्या इस प्रकार है: कुसुम्पटी 46, जुब्बल 43, चौपाल 25, जोगिंद्रनगर 30, रोहड़ू 22, रामपुर 14, मंडी सदर 1, करसोग 7, बैजनाथ 5, ठियोग 5, शिमला ग्रामीण 4, अर्की 4, सोलन 1, सुलाह 1, कांगड़ा 5, सरकाघाट 1 और शाहपुर, देहरा, जसवां-परागपुर 3-3 सड़कें। लोक निर्माण विभाग के अनुसार 224 सड़कों की एफआरए अनुमति मिल चुकी है। इनमें से कई सड़कों की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर नाबार्ड को भेज दी गई है। कुछ सड़कों की प्रशासनिक अनुमति और व्यय स्वीकृति का अभी इंतजार है।
विशेष रूप से यह सड़क निर्माण कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा है, जहां भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं। इस दिशा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तीसरे चरण के तहत कार्य जारी हैं। केंद्र सरकार ने तीसरे चरण के तहत बने कार्यों को पूरा करने के लिए प्रदेश को दो साल की एक्सटेंशन दी है। लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि इस योजना के तहत सड़क निर्माण की समयावधि को 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे विभाग को सड़कों का कार्य पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सड़क निर्माण में बाधा बजट की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी से आ रही है। हालांकि, केंद्र सरकार की राहत और नाबार्ड के सहयोग से यह कार्य समय पर पूरा करने की उम्मीद बनी हुई है।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होगा, किसानों और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन सुगम होगा और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लोक निर्माण विभाग अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बजट जारी होने के बाद और आवश्यक अनुमतियां मिलने के साथ सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रकार प्रदेश में सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ था, लेकिन नाबार्ड को डीपीआर भेजने और केंद्र सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाए जाने से अब सड़कों के निर्माण में गति आने की संभावना है।