राजसमंद। शहर में घर-घर कचरा संग्रहण करने वाली फर्म की ओर से अब तक आरएफआईडी मशीन नहीं लगाई गई है। इससे ऑटो टीपर की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। अभी तक फर्म की ओर से सिर्फ 14 टैम्पो के माध्यम से कचरा संग्रहण किया जा रहा है, जो कि काफी कम है। इसके कारण कई कॉलोनियों में नियमित कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है। नगर परिषद की ओर से अक्टूबर माह में प्रतापगढ़ की फर्म को घर-घर कचरा संग्रहण करने का ठेका दिया था। करीब 120 लाख रुपए सालाना इस पर खर्च होगा। इसके तहत घरों के बाहर आरएफआईडी मशीन लगाई जानी है, जो कि पांच माह से अधिक गुजरने के बाद भी अभी तक नहीं लगाई गई है। उक्त मशीन पर कार्ड स्वैप करने पर उक्त कॉलोनी अथवा घर से कचरा संग्रहण हुआ है या नहीं इसकी जानकारी मिल सकेगी।
उक्त मशीन को जीपीएस के माध्यम से नगर परिषद से जोडऩे पर रियल टाइम मोनिटरिंग हो सकेगी। इससे कचरा संग्रहण करने के लिए आने वाले व्यक्ति छुट्टी अथवा काम में लापरवाही नहीं कर सकेंगे। इसके बावजूद अभी तक फर्म की ओर से इसे लगाने की शुरुआत तक नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि नियमित कचरा संग्रहण नहीं होने पर खाली प्लॉट आदि में डाल दिया जाता है। फर्म की ओर से नगर परिषद के 10 ऑटो टीपर किराए पर ले रखे है, जबकि फर्म ने अभी तक स्वयं के सिर्फ चार ऑटो ट्रीप लगा रखे हैं। इसी प्रकार दो ऑटो ट्रीपर कचरा पात्र लोडिंग आदि के लगा रखे हैं। ऐसे में ऑटो ट्रीपर की संख्या कम होने के कारण मुख्य कॉलोनियों को छोडकऱ बाहरी क्षेत्रों में नियमित रूप से कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है। वहीं ऑटो ट्रीपर का समय भी निर्धारित नहीं है।