दुशान्बे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में भारतीय प्रवासियों और 'फ्रेंड्स ऑफ इंडिया' द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीयों को ईमानदारी, विश्वसनीयता और जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को अपने आचरण से देश की प्रतिष्ठा बनाए रखनी चाहिए।
राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक पढ़ाई, नौकरी और कारोबार के लिए दुनिया के विभिन्न देशों में जाते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी केवल अपनी सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें उस देश के प्रति भी ईमानदार रहना चाहिए, जहां वे रह रहे हैं।
विश्वसनीयता पर नहीं लगना चाहिए प्रश्नचिह्न
रक्षा मंत्री ने कहा, "जब आप भारत छोड़कर यहां आए हैं, आप पढ़ने आए हैं और काम करने आए हैं। बहुत सारी चीजें क्या करनी चाहिए और क्या नहीं करनी चाहिए, इसके बारे में आप अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने आगे कहा, "हर भारतीय को मैं यह कहता हूं कि हमारी विश्वसनीयता और भरोसेमंदता पर किसी भी तरह का प्रश्नचिह्न नहीं लगना चाहिए। हम जिस देश में रहकर रोजी-रोटी कमा रहे हैं, उस देश को भी धोखा नहीं दे सकते हैं। यह हर भारतीय का चरित्र है।
भारतीय प्रवासियों को दिया खास संदेश
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में विदेशों में रह रहे भारतीयों के आचरण और नैतिक जिम्मेदारियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भरोसेमंद व्यवहार भारतीयों की महत्वपूर्ण पहचान होनी चाहिए। गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ताजिकिस्तान पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा से भी मुलाकात की।
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