वेंकैया नायडू की जीवनी पर बोले राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने किया नायडू की जीवनी का विमोचन
Delhi दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू की हिंदी जीवनी के विमोचन समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की अच्छी जीवनी केवल उसके जीवन की घटनाओं को दर्ज नहीं करती, बल्कि बीते दौर की स्मृतियों, परिस्थितियों और अनुभवों को नई दृष्टि से समझने का अवसर भी प्रदान करती है। समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पुस्तक के विमोचन के अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ कई यादें धीरे-धीरे धुंधली पड़ने लगती हैं। जीवन की कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं तो लोगों को याद रहती हैं, लेकिन उनसे जुड़े कई प्रसंग, परिस्थितियां और संदर्भ समय के साथ पीछे छूट जाते हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे में एक अच्छी जीवनी उन यादों को दोबारा जीवंत करने का माध्यम बनती है। जीवनी के जरिए पाठक न केवल किसी व्यक्ति के जीवन और संघर्ष को जानता है, बल्कि उसके समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को भी नए नजरिए से समझ सकता है। उन्होंने वेंकैया नायडू के लंबे सार्वजनिक जीवन और उनके अनुभवों का उल्लेख करते हुए पुस्तक को पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बताया। एम. वेंकैया नायडू भारतीय राजनीति के प्रमुख और अनुभवी नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। केंद्र सरकार में मंत्री रहने के अलावा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। बाद में वे देश के उपराष्ट्रपति बने और राज्यसभा के सभापति के रूप में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में जीवनी साहित्य की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ व्यक्ति से जुड़ी कई छोटी-बड़ी घटनाएं लोगों की स्मृति से निकल जाती हैं, लेकिन पुस्तकें उन्हें संरक्षित रखने का काम करती हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए भी ऐसी जीवनियां महत्वपूर्ण दस्तावेज बनती हैं, क्योंकि इनके माध्यम से उन्हें अपने से पहले के दौर के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को करीब से समझने का अवसर मिलता है। वेंकैया नायडू की हिंदी जीवनी के विमोचन के मौके पर उनके सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक यात्रा और लंबे अनुभवों की भी चर्चा हुई। पुस्तक में उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को हिंदी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि जीवनी पढ़ने से पाठकों को किसी व्यक्ति के जीवन की घटनाओं को केवल जानने का ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े संदर्भों को नए दृष्टिकोण से देखने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि यह जीवनी पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगी।