कांग्रेस की SC याचिका में रजिस्ट्रेशन के वक्त स्क्रूटनी में 14 खामिया और गलत दस्तावेज खड़गे के प्रमाणित कापी धुंधली
पप्पू फरिश्ता
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च के दौरान राहुल गांधी और उनकी टीम के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आजाद भारत के इतिहास में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए इस तरह विरोध मार्च और प्रदर्शन आयोजित किए जाने को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए विरोध प्रदर्शन का सहारा लिया और अपने गुस्से का सार्वजनिक रूप से इजहार किया।
पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों और यातायात जाम के कारण मध्य दिल्ली के व्यापारियों तथा आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इस बीच राहुल गांधी के व्यवहार से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं।
विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी अपने कार्यकर्ताओं को हाथ से पकड़कर किनारे करते और कोहनी से हटाते दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। एक वायरल वीडियो में कर्नाटक के उपमु यमंत्री डीके शिवकुमार को कथित तौर पर कॉलर पकड़कर पीछे खींचने का दृश्य भी सामने आया है। इन घटनाओं को लेकर राहुल गांधी के व्यवहार और संयम पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस विवाद के बीच महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का मामला भी सामने आया है। महिला पत्रकार रिचा पाराशर ने सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि बिना किसी सवाल या विवाद के उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धक्का दिया गया। उनके अस्पताल में उपचार कराने की बात भी सामने आई है, हालांकि घटना की परिस्थितियों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
महिला पत्रकार द्वारा कथित तौर पर रोते हुए अपनी आपबीती बताने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। राहुल गांधी के अपने कार्यकर्ताओं तथा डीके शिवकुमार के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान इस प्रकार की घटनाओं के आरोप एक बड़े नेता की सार्वजनिक जि मेदारी और आचरण पर बहस पैदा करते हैं। राहुल गांधी पहले भी मीडिया के एक वर्ग को गोदी मीडिया कहते रहे हैं। ऐसे में महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों ने उनके मीडिया के प्रति व्यवहार को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविक सच्चाई जांच और संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण के बाद ही सामने आ सकेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला पत्रकार द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार तथा कांग्रेस पार्टी क्या कदम उठाती है। राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर उठे सवालों और वायरल वीडियो पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह आने वाला समय ही बताएगा।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन कवर कर रही महिला पत्रकार से धक्का-मुक्की की। इतना ही नहीं अपनी पार्टी के कार्यकर्ता को भी कोहनी मारी और कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार को भी धक्का दिया।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने यह दावा किया कि राहुल गांधी ने पत्रकार को कोहनी मारी और कंधे से पकड़कर खींचा। इससे वह जमीन पर गिर गईं और घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती है।
कांग्रेस की अगुआई में विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च के बाद अब बीजेपी भी हमलावर है। बीजपी विधायक उमंग बजाज ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने एक प्रेग्नेंट पत्रकार के साथ बदसलूकी की और इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने कहा, स्थानीय विधायक होने के नाते मैं यहां आया। हमने उनका हाल-चाल पूछा और पत्रकार ऋचा पाराशर ऐडमिट करवाया। उनकी स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि राहुल गांधी ने शर्मनाक हरकत की है।समाचार पढ़ें
बजाज ने कहा, अगर कोई पत्रकार कुछ पूछता है तो उसका जवाब देना चाहिए ना की जमीन पर गिरा देना चाहिए। देश के युवाओं को भी संदेश आपको देखना चाहिए कि भाषण से कुछ नहीं होता। ये कहते हैं कि हम महिलाओं को स मान करते हैं। लेकिन बोलने से कुछ नहीं होता, करने से होता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार सिर्फ अपना काम कर रही थी। राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए था।
बीजेपी नेता राजेश भाटिया ने भी कहा कि महिला पत्रकार को राहुल गांधी ने धक्का दिया। उन्होंने कहा, बात लगभग 8 या 8.30 बजे की है। मेरे राजेंद्र नगर वाले ऑफिस पर एक महिला आई और उसने कहा कि मेरी बहन की मदद करिए। महिला ने कहा कि राहुल गांधी ने उसे धक्का देकर गिरा दिया है और वह प्रेग्नेंट हैं। उन्हें चोट आई है और इलाज की जरूरत है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि ऋचा पाराशर तीन महीने की प्रेग्नेंट हैं। वह अस्पताल में भी ऋचा से मिलने पहुंचे।
पत्रकार ने कहा, मैं सुप्रीम कोर्ट के अंदर थी और गेट के पास खड़ी थी कि जब यहां से निकलेंगे तो राहुल गांधी की बाइट ले लूंगा। मैं कोई इन लुएंशर नहीं हूं। राहुल गांधी आते हैं, मैंने जैसे ही माइक बढ़ाया। उन्होंने मेरा माइक हटा दिया। जब बाकी लोग माइक लगाने लगे तो मैंने फिर लगाया। मेरे कैमरामैन मेरे पीछे थे। राहुल गांधी ने मेरा हाथ पकड़ा और आगे की तरफ खींचा। तब तक उनके बॉडीगार्ड्स ने खींचकर धक्का दे दिया। मैं मुंह के बल सीढ़ियों पर गिर गई। सबसे पहले राहुल गांधी ने पकड़ा। इसका वीडियो है। राहुल गांधी ने खुद मेरे कैमरा पर्सन को धक्का दिया। उन्होंने फोन दिखाते हुए कहा, मेरा फोन भी टूट गया।
उन्होंने कहा, मैं यही बोल रही थी कि मुझे धक्का मत दीजिए। मैं कोई गुंडा मवाली नहीं हूं। उन्होंने कहा, मेरे गिरने के बाद मेरे ऊपर चार-पांच लोग गिर गए। उनके पास गुंडे थे जो कि जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, मैं चुप नहीं रहूंगी। मैं किनारे बैठ गई लेकिन कोई मेरे पास नहीं आया। राहुल गांधी तो मुझे जानते भी नहीं हैं। राहुल गांधी ने मुझे क्यों धक्का दिलवाया। उन्होंने कहा, मैं रो रही थी और लोग मुझपर आरोप लगा रहे थे।
पत्रकार ने कहा, मेरे पति आए और मेरी बहन आई। मेरी गर्दन में चोट लगी है और हाथ में चोट लगी है। अब मेरे पूरे शरीर में दर्द हो रहा है। डॉक्टर ने कहा कि अभी अस्पताल में रहना होगा। पत्रकार ने कहा, ये लोग महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं लेकिन इस तरह की हरकतें करते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी के आसपास काफी भीड़ थी।
प्रदर्शन के बीच सियासत का ये डांस डेमोक्रेसी का क्या नया रूप है। राहुल और प्रियंका गांधी के प्रदर्शन के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी और सुप्रीया सुले डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन क्या यही गंभीरता दर्शाता है?
राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को मारी कोहनी, फिर डीके शिवकुमार का कॉलर पकड़कर खींचा!
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कर्नाटक के मु यमंत्री से जुड़ा एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने मु यमंत्री के आगे निकलने पर उनका कॉलर पकड़कर उन्हें पीछे खींचा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ तीखी टिप्पणियां भी की जा रही हैं। कुछ लोग इस कथित घटना को राजनीतिक शिष्टाचार और नेताओं के आपसी व्यवहार से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि भीड़ के बीच चलते समय राहुल गांधी ने पहले कार्यकर्ताओं को कोहनी मारी और फिर कर्नाटक के उपमु यमंत्री डीके शिवकुमार का कॉलर पकड़कर उन्हें पीछे खींच लिया
कॉलर पकड़कर पीछे खींचने का दावा : वायरल वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ चलते समय कर्नाटक के मु यमंत्री उनसे आगे निकल गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर राहुल गांधी ने उनका कॉलर पकड़कर पीछे किया। हालांकि, वीडियो की पूरी रिकॉर्डिंग, घटना का स्थान और समय स्पष्ट नहीं है। ऐसे में केवल वायरल दावे के आधार पर यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि वास्तव में क्या हुआ था।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान का बताया जा रहा वीडियो : 12 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान का बताया जा रहा है। वीडियो में राहुल गांधी भीड़ के बीच चलते हुए डीके शिवकुमार को कॉलर के पास से पीछे खींचते नजर आते हैं। भाजपा की दिल्ली इकाई ने भी इस घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की है। हालांकि, राहुल गांधी ने ऐसा किस उद्देश्य से किया, यह वीडियो से स्पष्ट नहीं होता। इस मामले में राहुल गांधी और डीके शिवकुमार का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
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