New Delhi. नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जर्मनी में पांच दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें वे भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं और प्रवासी भारतीयों से पार्टी के जुड़ाव को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं। उनका यह दौरा 20 दिसंबर, 2025 तक जारी रहेगा। राहुल गांधी ने जर्मनी में बीएमडब्ल्यू कारखाने का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय निर्मित टीवीएस बाइक को देखा और इसे ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता के रूप में सराहा। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि यह किसी भी देश की प्रगति की कुंजी है।
उनके अनुसार, भारत का विनिर्माण क्षेत्र वर्तमान में गिर रहा है और इसे सशक्त बनाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने बीएमडब्ल्यू कारखाने के दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा, “यह देखकर अच्छा लगा कि भारतीय ध्वज यहां लहरा रहा है। 450 सीसी की टीवीएस बाइक को देखकर खुशी हुई, मुझे विश्वास है कि यह अच्छा प्रदर्शन करेगी। उत्पादन बढ़ाना किसी भी देश की सफलता के लिए आवश्यक है। हमारा विनिर्माण क्षेत्र गिर रहा है; इसे बढ़ाना चाहिए।”
जर्मनी के बर्लिन हवाई अड्डे पर राहुल गांधी का भारतीय प्रवासी कांग्रेस (आईओसी) द्वारा स्वागत किया गया। उनका स्वागत पुष्पांजलि और मुस्कान के साथ किया गया। इस दौरान, राहुल गांधी यूरोप भर के आईओसी नेताओं से मिलने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य कांग्रेस की वैश्विक पहुंच को मजबूत करना और प्रवासी भारतीयों के मुद्दों को पार्टी के दृष्टिकोण के साथ जोड़ना है। आईओसी के एक पोस्ट में कहा गया कि राहुल गांधी 17 दिसंबर को बर्लिन में प्रवासी भारतीयों से बातचीत करेंगे। इस अवसर पर यूरोप भर से आईओसी अध्यक्ष उपस्थित होंगे और वे पार्टी को मजबूत करने, प्रवासी भारतीयों की चिंताओं और आईओसी की भूमिका पर चर्चा करेंगे।
राहुल गांधी ने अपने दौरे के दौरान प्रवासी भारतीयों से जुड़े कई विषयों पर चर्चा करने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि आईओसी प्रवासी भारतीयों को पार्टी से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है और इसके माध्यम से भारतीय विचारधारा और पार्टी की गतिविधियों को यूरोप में और प्रभावी बनाया जा सकता है। यह कार्यक्रम कांग्रेस के वैश्विक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है और पार्टी की अंतरराष्ट्रीय रणनीति को मजबूत करने में सहायक होगा।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राहुल गांधी की इस जर्मनी यात्रा की घोषणा पर भाजपा नेताओं ने आलोचना की। उनका आरोप है कि राहुल गांधी की बार-बार की अंतरराष्ट्रीय यात्राएं उनकी कांग्रेस पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाती हैं। हालांकि, प्रियंका गांधी ने इसका बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल का आधा समय देश से बाहर बिताते हैं, तो विपक्ष के नेता की यात्राओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
राहुल गांधी का यह दौरा भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के विकास, विदेशी निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ बातचीत, और प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़ाव के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीएमडब्ल्यू कारखाने का दौरा इस दृष्टि का एक प्रतीक है, जहां उन्होंने भारतीय तकनीकी उत्पादों की गुणवत्ता और क्षमता को देखा। उनका मानना है कि भारतीय उद्योग और उत्पादन बढ़ाने पर जोर देने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति में सुधार भी होगा।
आईओसी कार्यक्रम में राहुल गांधी यूरोप में भारतीय प्रवासी समुदाय की समस्याओं और अवसरों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इस मंच के जरिए वे भारतीय प्रवासी नेताओं के साथ विचार साझा करेंगे और पार्टी की वैश्विक रणनीति को प्रभावी बनाने पर ध्यान देंगे। इस प्रकार, यह दौरा कांग्रेस के लिए केवल राजनीतिक उद्देश्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक उपस्थिति और प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर भी है। जर्मनी दौरे के दौरान राहुल गांधी उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। उनका उद्देश्य भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के सुधार और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर विचार साझा करना है। साथ ही, वे भारतीय तकनीकी उत्पादों की वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता और क्षमता को भी बढ़ावा देना चाहते हैं।
राहुल गांधी की यह यात्रा कांग्रेस की अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत करने, प्रवासी भारतीयों के मुद्दों पर ध्यान देने और भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम मानी जा रही है। बीएमडब्ल्यू और अन्य उद्योग स्थलों का दौरा इस दृष्टि का प्रतीक है, जहां उन्होंने भारतीय उत्पादों की तकनीकी क्षमताओं को सराहा। उनका मानना है कि उत्पादन बढ़ाने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी प्रवासी भारतीय समुदाय के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे, जहां वे पार्टी की नीतियों, भारतीय आर्थिक सुधारों और वैश्विक स्तर पर भारत की उपस्थिति को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। आईओसी कार्यक्रम में वे यूरोप भर के नेताओं से मिलेंगे और पार्टी की विचारधारा, कार्यक्रमों और योजनाओं को प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे।
जर्मनी यात्रा के समापन तक राहुल गांधी ने भारतीय उद्योग और प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने और समाधान सुझाने का लक्ष्य रखा है। इस दौरे को कांग्रेस की वैश्विक रणनीति, प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव और भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुल मिलाकर, राहुल गांधी का जर्मनी दौरा भारतीय विनिर्माण को बढ़ावा देने, प्रवासी भारतीय समुदाय से संपर्क मजबूत करने और कांग्रेस की वैश्विक पहुंच को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। बीएमडब्ल्यू कारखाने के दौरे, प्रवासी भारतीयों से बैठकें और आईओसी कार्यक्रम इस दौरे की मुख्य गतिविधियों में शामिल हैं। उनका जोर उत्पादन बढ़ाने और भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने पर है।