भारत डायनेमिक्स के 56.8 करोड़ के टेंडर पर उठे सवाल
पूर्व चेयरमैन की पत्नी की कंपनी को मिला मौका
दिल्ली/हैदराबाद। रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के 56.8 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कंपनी ने एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति के लिए एक निजी कंपनी ऐंद्री डिफेंस एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड को एकल निविदा जारी की है। खास बात यह है कि इस कंपनी की स्थापना भारत डायनेमिक्स के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ मिश्रा और उनकी पत्नी ने की थी। इस फैसले से रक्षा खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और संभावित हितों के टकराव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
तत्काल आवश्यकता बताकर जारी किया सिंगल टेंडर
जानकारी के अनुसार, भारत डायनेमिक्स ने मई 2026 में 300 ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति के लिए एकल निविदा प्रक्रिया अपनाई। इसके पीछे कंपनी ने तत्काल आवश्यकता का हवाला दिया। सिंगल टेंडर प्रक्रिया में सामान्य प्रतिस्पर्धी बोली के बजाय केवल एक आपूर्तिकर्ता को निविदा में शामिल किया जाता है। हालांकि, इस मामले में तत्काल आवश्यकता पैदा होने के विशिष्ट कारणों की सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
तकनीकी जांच पास, 56.8 करोड़ की बोली
ऐंद्री डिफेंस एडवाइजरी ने तकनीकी मूल्यांकन का चरण सफलतापूर्वक पार कर लिया है। कंपनी ने उपकरणों की आपूर्ति के लिए 56.8 करोड़ रुपये की वित्तीय बोली लगाई है। सरकारी खरीद पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल इस बोली का वित्तीय मूल्यांकन जारी है। इसका मतलब है कि अभी अंतिम अनुबंध मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। निविदा की शर्तों के अनुसार, 300 ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति सात महीने के भीतर की जानी है।
पूर्व चेयरमैन की पत्नी के पास 95 प्रतिशत हिस्सेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐंद्री डिफेंस एडवाइजरी की स्थापना मई 2024 में सिद्धार्थ मिश्रा और उनकी पत्नी शांभवी मिश्रा ने की थी। सिद्धार्थ मिश्रा मार्च 2023 में भारत डायनेमिक्स से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में कंपनी की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी शांभवी मिश्रा के पास है। यही वजह है कि पूर्व शीर्ष अधिकारी के परिवार से जुड़ी कंपनी को एकल निविदा जारी किए जाने पर हितों के टकराव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केवल इस संबंध के आधार पर किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि नहीं होती।
पहले प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से होती थी खरीद
सामने आई जानकारी के मुताबिक, भारत डायनेमिक्स ने वर्ष 2024 और 2025 में इसी तरह के उपकरणों की खरीद प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से की थी। उस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां इसमें शामिल थीं। लेकिन वर्ष 2026 में खरीद प्रक्रिया में बदलाव करते हुए निजी कंपनी को एकल निविदा जारी की गई। इस बदलाव ने सवाल खड़े किए हैं कि प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बजाय एक ही कंपनी को अवसर क्यों दिया गया।
कंपनी के कार्यालय को लेकर भी सवाल
रिपोर्ट में हैदराबाद स्थित ऐंद्री डिफेंस एडवाइजरी के पंजीकृत कार्यालय के बंद मिलने और कंपनी की विनिर्माण परिसंपत्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल इस मामले में अंतिम वित्तीय मूल्यांकन और खरीद संबंधी निर्णय का इंतजार है। रक्षा खरीद में पारदर्शिता, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सार्वजनिक धन के उचित इस्तेमाल को लेकर यह मामला चर्चा में बना हुआ है।