बेगूसराय: बिहार के दरभंगा शिक्षक एमएलसी चुनाव में बेगूसराय के 42 इंच के प्रोफेसर गौतम कुमार अपने अनूठे व्यक्तित्व और लोकतंत्र के प्रति जज्बे को लेकर चर्चा में रहे. बेगूसराय के दिनकर कला भवन स्थित मतदान केंद्र पर जब टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल गौतम कुमार वोट डालने पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों की नजरें उन पर टिक गईं. उनके छोटे कद के साथ मतदान के प्रति उत्साह ने लोगों का ध्यान खींचा. कई लोगों ने उनके जज्बे को लोकतंत्र की खूबसूरती बताया.
गौतम कुमार ने मतदान कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. उनके लिए यह सिर्फ वोट डालने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सही प्रतिनिधि चुनने का अवसर भी था.
मतदान के बाद प्रोफेसर गौतम कुमार ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में भाग लेकर उन्होंने मतदाता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षिक प्रशासन को बेहतर बनाने और बदलते शैक्षिक परिवेश की जरूरतों को पूरा करने के लिए सही प्रतिनिधि का चुनाव जरूरी है.
गौतम कुमार के मुताबिक शिक्षा व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहे हैं. ऐसे में सदन में ऐसे प्रतिनिधियों की जरूरत है, जो शिक्षा और शिक्षकों के हितों की बात मजबूती से उठा सकें. उन्होंने इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान किया.
दरभंगा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर बेगूसराय में भी व्यापक इंतजाम किए गए थे. स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 29 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां 29,205 मतदाता पंजीकृत थे. वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 20 मतदान केंद्रों पर 2,047 मतदाताओं के मतदान की व्यवस्था की गई थी.
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 55 फीसदी, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 90 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ. सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.
अब मतगणना का इंतजार है. नतीजों से पता चलेगा कि मतदाताओं ने किस प्रत्याशी पर भरोसा जताया है और शिक्षा व शिक्षकों के मुद्दों को सदन में उठाने की जिम्मेदारी किसे सौंपी है.
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