कोलकाता। पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी पूजा और छठ महापर्व को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में धार्मिक आयोजनों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्वी बंगाल और पश्चिम बंगाल में बंगाली समुदाय के लोग लक्ष्मी पूजा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। वहीं, छठ महापर्व को भी भव्य तरीके से मनाने की तैयारी की जा रही है।
बंगाली समुदाय में लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पूर्वी बंगाल और पश्चिम बंगाल, दोनों क्षेत्रों में लक्ष्मी पूजा की परंपरा रही है। पश्चिम बंगाल में मुख्य रूप से बंगाली समुदाय के लोग इस पर्व को मनाते हैं। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी पूजा के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। बंगाली समाज में देवी लक्ष्मी की पूजा सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ की जाती है।
छठ महापर्व के भव्य आयोजन की बात
सुवेंदु अधिकारी ने अपने बयान में अर्जुन नामक व्यक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह छठ महापर्व को बड़े स्तर पर मनाएंगे। हालांकि, उपलब्ध बयान में अर्जुन का पूरा नाम और आयोजन स्थल स्पष्ट नहीं किया गया है। उन्होंने छठ पूजा के आयोजन को लेकर उत्साह व्यक्त किया। छठ महापर्व मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना से जुड़ा धार्मिक पर्व है।
खिचड़ी भोग और शाकाहारी भोजन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि धार्मिक आयोजन में खिचड़ी भोग अर्पित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भोजन पूरी तरह शाकाहारी होगा। बंगाल की धार्मिक परंपराओं में खिचड़ी भोग का विशेष स्थान है और विभिन्न पूजा आयोजनों में इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
बंगाल की धार्मिक परंपराओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने लक्ष्मी पूजा और छठ महापर्व का उल्लेख करते हुए दोनों त्योहारों के सांस्कृतिक महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि बंगाली समुदाय में लक्ष्मी पूजा की विशेष परंपरा है, जबकि छठ महापर्व का आयोजन भी बड़े स्तर पर किया जाएगा। हालांकि, उनके बयान में छठ आयोजन की तारीख, स्थान और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संख्या का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।