इस्लामिक संस्था PFI पर बैन लगाने की तैयारी

जानिए वजह.

Update: 2022-02-09 08:37 GMT

नई दिल्ली. हिजाब विवाद पर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने बड़ा बयान दिया है. कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि इस विवाद में हम कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI)की भूमिका की जांच कर रहे हैं. सीएफआई PFI की छात्र शाखा है. इसलिए हम पीएफआई पर बैन से इनकार नहीं कर सकते. बी सी नागेश ने कहा, हमें संदेह है कि इस्लामिक कट्टरपंथी संस्था पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)की स्टूडेंट विंग सीएफआई की इस विवाद को पैदा करने में हाथ है. न्यूज़ 18 से बीसी नागेश ने बातचीत में यह बात कही. नागेश ने कहा, हम पीएफआई या सीएफआई की भूमिका को खारिज नहीं कर सकते. इस पूरे मामले की जांच करने को कहा गया है. जांच के बाद हम इस पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे.

बीसी नागेश ने कहा, हम देख रहे हैं कि सिर्फ 1 फरवरी से कुछ लोग टीवी पर आकर बोल रहे है और लोगों को भड़का रहे हैं. हमें कुछ संस्थाओं पर संदेह है. ये ऐसे लोग हैं जो लड़कियों को मुख्यधारा में नहीं आने देना चाहते हैं. उन्हें आने की इजाजत नहीं है और अब ऐसा हो रहा है. उडुप्पी से इस तरह की भड़काने वाली बात हो रही है और अब पूरे राज्य में वे इसे फैलाने चाहते हैं. हमें कई संस्थाओं पर संदेह है जिसका इस मामले को भड़काने में हाथ हो सकता है. हम पूरे मामले की जांच करवा रहे हैं. जांच के बाद निश्चित रूप से हम ऐसे संस्थाओं पर कार्रवाई करेगी. हमने जांच एजेंसियों से इस संबंध में अनुरोध किया और पीएफआई या एसएफआई की संदिग्ध भूमिका की पड़ताल करने का अनुरोध किया है. जांच के बाद हम इस पर गंभीरता से विचार करेंगे.
इधर कर्नाटक के संस्कृति मंत्री सुनील कुमार ने इस पूरे मामले के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि जो लोग कॉलेज की फीस नहीं दे सकते, वे कोर्ट जा सकते हैं. सुनील कुमार ने सवाल किया कि ऐसे लोगों का समर्थन कौन कर रहा है? सुनील कुमार से जब एसडीपीआई (Social Democratic Party of India) पर बैन लगाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एसडीपीआई एक राजनीतिक पार्टी है. राजनीतिक पार्टी को बैन करने के लिए कई प्रक्रियाओं को पूरी करनी होती है. एसडीपीआई कट्टर इस्लामिक संस्था पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की राजनीतिक इकाई है.

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