संदिग्ध शराब से मौतों पर सियासत तेज, उमंग सिंघार ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदन गांव में हुई मौतों के मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कथित अवैध और मिलावटी शराब की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल उठाए और आबकारी विभाग की भूमिका पर भी संदेह जताया।
पीड़ित परिवारों से मिले उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि मृतकों के परिजनों ने उनसे बातचीत में गांवों में शराब और कथित जहरीली शराब के सेवन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिवारों के अनुसार, इलाके में लंबे समय से शराब की बिक्री हो रही है। ऐसे में यह पता लगाना जरूरी है कि शराब की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
शराब ठेकेदार का नाम लेकर उठाए सवाल
सिंघार ने आरोप लगाया कि गांव में कई वर्षों से विनोद जायसवाल नाम का ठेकेदार शराब बेच रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर विनोद जायसवाल कौन है और उसकी गतिविधियों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना बाकी है।
आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल
उमंग सिंघार ने कहा कि यदि प्रदेश में अवैध शराब बेची जा रही है तो आबकारी विभाग की जानकारी या संलिप्तता के बिना ऐसा होना मुश्किल है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता जताई।
सागर की घटना का भी किया जिक्र
नेता प्रतिपक्ष ने 7 सितंबर को सागर जिले के बांदा क्षेत्र में हुई एक अन्य घटना का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस घटना में भी कई परिवारों ने अपनों को खोया था।
देवास की घटना में मौतों के वास्तविक कारणों और कथित अवैध शराब की भूमिका को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।