'अखिलेश के माफिया' वाले पोस्टर को लेकर सियासत तेज, सपा ने कहा-भाजपा की ध्यान भटकाने की कोशिश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के खिलाफ लगे एक पोस्टर से फिर विवाद खड़ा हो गया है। गोमती नगर इलाके में अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी की तस्वीरों वाला एक पोस्टर लगाया गया है। पोस्टर पर लिखा है, "अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश" और इसमें जौहर यूनिवर्सिटी में जमीन पर कब्जे के मामले का जिक्र है, जिसमें माफिया के साथी शामिल थे।
इस पोस्टर के सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने इसे भाजपा की ध्यान भटकाने की राजनीति बताया है, वहीं भाजपा ने पोस्टर पर लिखी बातों का समर्थन करते हुए सपा के कार्यकाल को माफिया राज करार दिया है।
लखनऊ में सपा नेताओं को निशाना बनाकर लगाए गए पोस्टर पर समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पारस ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी पहली बार ऐसे पोस्टर नहीं लगा रही है। लोगों को हिंदू और मुसलमान में बांटने के बाद, वे और बंटवारा करना चाहते हैं और ये पोस्टर उसी का हिस्सा हैं। हालांकि, जनता इससे तंग आ चुकी है। लोगों को समझ आ गया है कि इन मुद्दों का इस्तेमाल सिर्फ उनका ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।"
वहीं, इस पोस्टर विवाद पर कांग्रेस ने भी भाजपा पर निशाना साधा। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी और अखिलेश यादव को आतंकवाद से जोड़ रही है। उन्होंने कहा, "अगर उनका पोस्टर देखें, तो वे राहुल गांधी और अखिलेश यादव को पहलगाम के उग्रवादियों से जोड़ रहे हैं। इससे पहले उनको अपना इतिहास याद करना चाहिए। क्या ये वही लोग नहीं हैं जिनके समय में एनडीए सरकार यानी भाजपा ने कंधार में घुटने टेक दिए थे? क्या ये वही लोग नहीं हैं जिन्होंने आजादी से पहले 'दो-राष्ट्र सिद्धांत' को बढ़ावा दिया था? और क्या ये वही लोग नहीं हैं जिन्होंने मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकारें भी बनाई थीं।"
उधर, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दानिश आजाद ने कहा, "सपा के 2012 से 2017 तक के कार्यकाल को देखा जाए तो उस समय उन्होंने यही काम किया। अपने कार्यकाल में सपा ने प्रदेश के विकास के लिए काम करने के बजाय अपराधियों को बढ़ावा देने का काम किया। सुरक्षा व्यवस्था बदहाल थी। महिला अपराध के मामले भी बढ़ गए थे। उत्तर प्रदेश के थानों को सपा ने अपराधियों के हाथों में सौंप दिया था। जितना बुरा हो सकता था, सपा ने उतना बुरा प्रदेश के लोगों के साथ किया।"