Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जीएसटी परिषद द्वारा मंजूर किए गए नए सुधारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी संबंधी प्रावधानों को हटाने, अधिक मामलों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने से करदाताओं और कारोबारियों पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने इन सिफारिशों को कारोबारी सुगमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह जीएसटी परिषद द्वारा स्वीकृत सुधारों के नए दौर का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि इन उपायों से कर अनुपालन की प्रक्रिया आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण सिफारिशों को मंजूरी दी गई। इनमें जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियां समाप्त करने और आपराधिक मुकदमा चलाने की न्यूनतम कर राशि की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव शामिल है। परिषद ने पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने और रिफंड से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी आसान बनाने की सिफारिश की है। इसके तहत तकनीक और स्वचालित प्रणाली का अधिक इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि कारोबारियों को समय पर रिफंड मिल सके और अनावश्यक प्रक्रियाओं में कमी आए।
जीएसटी परिषद ने इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव और निर्यातकों के लिए रिफंड प्रक्रिया बेहतर बनाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इन उपायों से विशेष रूप से छोटे कारोबारियों, निर्यातकों और उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है।  इसके अलावा मामूली कर विवादों में अनावश्यक नोटिस और कानूनी कार्रवाई कम करने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य कर प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना और कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ कम करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन बदलावों से भरोसे पर आधारित कर प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें करदाताओं के लिए नियमों का पालन करना सरल हो। हालांकि, इन सुधारों का लागू होना संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा। प्रमुख बदलावों को 1 अप्रैल 2027 से लागू किए जाने की योजना है।
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