PM Modi 29 अक्टूबर को करेंगे India मेरीटाइम वीक का उद्घाटन

Update: 2025-10-28 14:59 GMT
Delhi दिल्ली। भारत समुद्री क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नवाचार को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 29 अक्टूबर को ‘इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 (India Maritime Week 2025)’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन नई दिल्ली में आयोजित होगा और इसमें देश-विदेश से शीर्ष समुद्री विशेषज्ञ, उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में भारत के समुद्री विजन 2047 (Maritime Vision 2047) के तहत उठाए गए कदमों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 एक ऐसा मंच है जहां भारत समुद्री क्षेत्र में साझेदारी, निवेश और तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक समुदाय के साथ संवाद करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक मजबूत और टिकाऊ समुद्री राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। कार्यक्रम का आयोजन पोत, जलमार्ग और बंदरगाह मंत्रालय (MoPSW) द्वारा किया जा रहा है। मंत्रालय ने बताया कि इस वीक के दौरान ग्रीन पोर्ट डेवलपमेंट, डीकार्बोनाइजेशन, पोर्ट डिजिटलीकरण, समुद्री लॉजिस्टिक्स, और ग्लोबल सप्लाई चेन इंटीग्रेशन जैसे विषयों पर कई तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह आयोजन भारत को वैश्विक समुद्री समुदाय से जोड़ने का अवसर देगा। उन्होंने बताया कि इस बार का फोकस ‘सस्टेनेबल एंड स्मार्ट पोर्ट्स फॉर ए ग्लोबल फ्यूचर’ थीम पर है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल बंदरगाह विकास और स्वच्छ ऊर्जा आधारित संचालन पर जोर दिया जाएगा। भारत वर्तमान में 7,500 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा और 200 से अधिक पोर्ट्स के साथ दुनिया के प्रमुख समुद्री देशों में शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने ‘सागरमाला प्रोजेक्ट’, ‘भारतमाला योजना’ और ‘नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी’ के माध्यम से इस क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं।
इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 में नीदरलैंड, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, और यूएई जैसे देशों की कंपनियां भी भाग लेंगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह आयोजन भारत को ग्रीन शिपिंग और समुद्री निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के दौरान कई एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिनमें ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन, डिजिटल पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, और शिपिंग टेक्नोलॉजी इनोवेशन प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में भारत की “पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पॉलिसी” और आत्मनिर्भर भारत के तहत समुद्री उद्योग को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।
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