नई दिल्ली: शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ़ोन कॉल पाकर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि वे उनके सबसे बड़े आदर्श हैं और वे हमेशा से उन्हें अपना रोल मॉडल मानते रहे हैं।
UAE के एक अस्पताल में ठीक हो रहे घायल फ्लाईदुबई पायलट को दिन में प्रधानमंत्री मोदी का फ़ोन आया। प्रधानमंत्री ने उनका हाल-चाल पूछा और उनके जल्द ठीक होने की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बहादुर भारतीय पायलट के साथ वीडियो कॉल पर उनकी बहादुरी की तारीफ़ की। उन्होंने पायलट के उस साहसी काम की सराहना की, जिससे फ्लाईदुबई की उड़ान में 170 से ज़्यादा लोगों की जान बची और 9/11 जैसे संभावित हमले को भी रोका जा सका।
स्मित मच्छार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का फ़ोन आना उनके लिए बहुत गर्व की बात थी और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें उनसे बात करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि जब भी वे मुश्किल हालात में होते हैं, तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।
जब कॉकपिट के अंदर उन पर चाकू से हमला हुआ और वे यात्रियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तब भी उन्होंने उस मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा का पाठ किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्मित की माँ गीता बेन से भी बात की और भगवद गीता के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ उनकी परवरिश की तारीफ़ की।
प्रधानमंत्री ने भारतीय पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया, जिसमें उनके ठीक होने के लिए मेडिकल मदद भी शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस और सूझबूझ की तारीफ़ की; उनकी बहादुरी की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।
फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान के दौरान स्मित मच्छार ने तब बहादुरी दिखाई, जब कॉकपिट में उनके को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने और लगभग बेहोश हो जाने के बावजूद, कैप्टन ने हार नहीं मानी। उन्होंने दरवाज़े का लैच दबाकर कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे यात्री कॉकपिट में आ सके और हमलावर को-पायलट को काबू में कर सके।
कैप्टन की सूझबूझ, समझदारी और बहादुरी ने विमान में सवार 170 से ज़्यादा लोगों की जान बचाई।
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