Delhi दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों ने हड़कंप मचा दिया। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगीं, जबकि लोग टंकी, ड्रम और केन में ईंधन भरवाने में जुट गए। सोशल मीडिया पर भी इन अफवाहों के वीडियो वायरल होने लगे। भीड़ के चलते कई जगह पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। सरकार ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बयान जारी किया कि पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
महाराष्ट्र के अमरावती जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी के डर से कई पंपों पर बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई। पंपों पर ‘पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं’ के बोर्ड लगाए गए, जिससे वाहन चालक खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। वहीं, जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध था, वहां लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं।
मध्य प्रदेश में हालात और बिगड़ गए। आगर मालवा, इंदौर, मंदसौर, उज्जैन और भोपाल सहित अन्य जिलों में मंगलवार रात से पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ गई। लोगों ने पेट्रोल-डीजल को टंकी, केन और बोतलों में भरवाना शुरू कर दिया, जिससे कुछ पंपों पर ईंधन खत्म हो गया और उन्हें बंद करना पड़ा। पुलिस-प्रशासन ने अफवाहों से बचने और संयम बनाए रखने की अपील की, लेकिन इसका असर सीमित ही रहा। बुधवार को भी पंपों पर दिनभर भारी भीड़ देखी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और युद्ध के बीच अफवाह फैलना सामान्य है, लेकिन जनता को केवल सरकारी स्टॉक और आपूर्ति पर भरोसा करना चाहिए। सरकार ने लोगों से अनुरोध किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पंपों पर अनुचित भीड़ न लगाएं।