यूपी। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा है. इस दौरान उन्होंने सहारनपुर की विवादित मस्जिद, संभल और जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा भी उठाया.
सहारनपुर में एक जनसभा के दौरान ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'आज की इस रैली में आप लोगों की मौजूदगी पूरी यूपी की हुकूमत को एक पैगाम देती है, कि इस बार हम दरी नहीं बिछाएंगे, अपने नेता को बनाएंगे.' उन्होंने दावा किया कि वो उत्तर प्रदेश में दोबारा बीजेपी सरकार नहीं चाहते. इसके लिए वो चुनाव से पहले गठबंधन करने को भी तैयार हैं. ओवैसी ने दावा किया कि AIMIM का मकसद बीजेपी को हराना है और चुनाव से पहले गठबंधन होने पर उनकी पार्टी जिसके साथ जाएगी, उसे जीत मिलेगी.
ओवैसी ने इस दौरान कहा, 'उत्तर प्रदेश की आवाम ने बरसों कांग्रेस का साथ दिया, आज मुस्लिम समाज में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. अगर इस सरकार में किसी को फायदा हो रहा है तो सिर्फ उसे समुदाय को हो रहा है जिसका नाम इंग्लिश के वर्ड T से शुरू होता है. समाजवादी पार्टी पीडीए की बात करती है, लेकिन उनको तकलीफ सिर्फ पीडीए के वक्त होती है. सहारनपुर में लकड़ी का काम मुदास्सिर हो गया और यहां से कारोबार जयपुर चला गया.' उन्होंने आगे कहा, मैं आज उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कह रहा हूं कि यूपी में दोबारा बीजेपी की सरकार ना बने, इसके लिए मैं एलाइंस करने के लिए तैयार हूं. 12 साल से बीजेपी की सरकार है और पेपर पर पेपर लीक होता रहता है. हजारों परिवारों के बच्चे जो गरीब परिवार से थे, आज वो परेशान हैं.
ओवैसी कहते हैं कि आज आप देखते हैं कि संभल में मस्जिद को शहीद कर दिया गया और सहारनपुर में एक मस्जिद को नोटिस दिया जा रहा है कि 6.5 करोड़ जुर्माना भरो और 15 दिन में मस्जिद को शहीद कर दिया जाएगा. रामपुर में इन्होंने यूनिवर्सिटी गिराने का नोटिस दे दिया. बाबा सो रहे थे, अब चुनाव में प्लान A (अयोध्या) चलेगा, लेकिन वो चोरी और लूट पर फेल हो गया. उसके बाद फिर बाबा ने प्लान M (मुस्लिम) निकाला.
दिलचस्प बात यह रही कि ओवैसी के मंच पर पहुंचते ही माइक बंद हो गया, जो करीब 10 मिनट तक बंद रहा. इसके बाद जब ओवैसी ने बोलना शुरू किया, तो बोलते-बोलते भी 5 से 7 बार माइक बंद हुआ. इस पर ओवैसी ने तंज कसते हुए माइक वाले को ही राजनीतिक दलों से जोड़ दिया.