जनता से रिश्ता वेबडेस्क:  कोलकाता :  पश्चिम बंगाल में शनिवार को चौथे चरण के तहत वोटिंग खत्‍म हो गई। चुनावों की गहमागहमी के बीच तृणमूल कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर का एक वीडियो लीक हुआ है जिसमें उन्‍होंने यह माना है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी बहुत मजबूत स्थिति में है और यहां पीएम नरेंद्र मोदी लोकप्रिय हैं। इस वीडियो को लेकर बीजेपी के अब एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने  भी हमला बोला है। प्रशांत किशोर के यह कहे जाने पर कि लेफ्ट, कांग्रेस और टीएमसी की ओर से 20 सालों तक मुस्लिम तुष्टिकरण किए जाने की वजह से बीजेपी को फायदा मिल रहा है, ओवैसी ने कहा कि ममता की विफलता के लिए मुसलमानों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में ओवैसी ने कहा- 'तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस दोनों एक्‍सपायरी डेट की तरफ बढ़ रहे हैं। मुस्लिमों को हमेशा अपने फायदे के लिए इस्‍तेमाल किया गया है। ममता बनर्जी मुस्लिम शब्‍द बोलने से डरती हैं।' ओवैसी ने इस मुद्दे पर कई ट्वीट भी किए हैं। एक ट्वीट में उन्‍होंने कहा है- 'क्यों ममता बनर्जी हर जगह जाकर अपने गोत्र और वर्ण व्यवस्था में अपने उच्च स्थान की बात कर रही हैं। उन्होंने मुसलमानों को कहा कि वह हिंदुत्व से उनकी रक्षा करेंगी, लेकिन उनके रणनीतिकार स्वीकार कर रहे हैं कि ममता ने हिंदुत्व को बढ़ने दिया। उनके पास एक काम था उसमें विफल रहीं। अल्लाह हमें इस तरह की तुष्टिकरण से बचाए।'



मुस्लिमों को दूध देने वाली गाय मानती हैं ममता'
एआईएमआईएम के मुखिया ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि टीएमसी और वाममोर्चा के सबसे वफादार वोटरों को दशकों तक अपमान के सिवा कुछ नहीं मिला है। ममता बनर्जी मुसलमानों को दूध देने वाली गाय मानती हैं। अब वह मुसलमानों से कह रही हैं कि वोट बंटने मत दो। यदि यहां तुष्टिकरण है तो यह मांग क्यों?' ओवैसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदू वोट बैंक हमेशा मौजूद रहा है, मुस्लिम वोट बैंक कभी नहीं रहा। हम पश्चिम बंगाल चुनाव से बाहर नहीं हुए हैं। हम यहां और तेजी से आगे बढ़ेंगे।


'टीएमसी के घोषणा पत्र में मुस्लिम शब्‍द का जिक्र नहीं'
ओवैसी ने ट्विटर पर लिखा है कि मशहूर चुनावी रणनीतिकार (प्रशांत किशोर) तथ्य रहित दिमाग से बोल रहे हैं। ममता बनर्जी ने बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को बंगाल में जड़ जमाने की अनुमित कैसे दी? इस पर आत्ममंथन की बजाय वह (प्रशांत किशोर) विफलता के लिए मुसलमानों को बलि का बकरा बना रहे हैं।' वहीं, न्‍यूज चैनल से वार्ता में ओवैसी ने कहा कि यह प्रशांत किशोर के अपने शब्‍द हैं। ममता बनर्जी ने कभी अपने किसी रिपोर्ट कार्ड में मुस्लिमों का जिक्र नहीं किया है। यहां तक कि टीएमसी के घोषणा पत्र में भी मुस्लिम शब्‍द का जिक्र नहीं है।
क्‍या था पीके के ऑडियो में?
गौरतलब है कि वायरल ऑडियो में प्रशांत किशोर कुछ पत्रकारों के साथ बंगाल की जमीनी हकीकत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का जिक्र कर रहे हैं। ऑडियो में वह दावा कर रहे हैं कि बंगाल में ध्रुवीकरण हुआ है और 1 करोड़ से ज्यादा हिंदी भाषी वोटर और दलित बीजेपी के साथ खड़ा है। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि 50 से 55 फीसदी हिंदू मोदी को वोट दे सकते हैं। प्रशांत किशोर यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं, 'बंगाल में ध्रुवीकरण, मोदी, हिंदीभाषी और एससी ये फैक्टर हैं। मोदी यहां पॉपुलर हैं। हिंदी भाषियों के 1 करोड़ से ज्यादा वोटर हैं। दलित 27 फीसदी है और वह पूरी तरह से बीजेपी के साथ खड़ा है। 50 से 55 फीसदी हिंदू वोटर बीजेपी के साथ है।


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