मुंबई में फ्लॉप रहा विपक्ष का प्रदर्शन, सिर्फ 15-20 लोग पहुंचे: राम कदम
मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राम कदम ने कांग्रेस, राहुल गांधी और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने मुंबई में हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदर्शन में केवल 15 से 20 लोग शामिल हुए थे।
भाजपा नेता राम कदम ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि रेत पर खड़ी की गई नींव ज्यादा समय तक टिक नहीं सकती और मुंबई में 'कॉकरोच पार्टी' के विरोध प्रदर्शन का भी यही हाल हुआ। धीरे-धीरे दूसरे संगठन भी कांग्रेस से दूरी बना रहे हैं, क्योंकि सच्चाई को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता।
राम कदम ने आदित्य ठाकरे के बयानों और सोशल मीडिया पर उनके समर्थन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या आदित्य ठाकरे वास्तव में ऐसे राजनीतिक विचार रखते हैं या उनके सलाहकार उन्हें गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्य ठाकरे ऐसी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने भारत में अशांति और हिंसा फैलाने की मंशा रखने का आरोप लगाया।
राम कदम ने पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में हुई अशांति का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या आदित्य ठाकरे भारत में भी ऐसी स्थिति पैदा करने वालों का समर्थन करेंगे। उन्होंने इसे लेकर विपक्ष की विचारधारा पर सवाल खड़े किए।
भाजपा नेता ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के एक न्यायाधीश ने राहुल गांधी से सात दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल कर चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत देने को कहा था।
राम कदम ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी ने अब तक किसी सार्वजनिक मंच पर अपने आरोपों के समर्थन में ठोस उदाहरण और प्रमाण पेश किए हैं। राहुल गांधी ऐसा करने में विफल रहे हैं। सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर राम कदम ने कहा कि सुरक्षा कारणों से जब प्रदर्शनकारियों को आंदोलन के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई गई थी, तो उन्होंने जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने का फैसला क्यों किया। क्या किसी राजनीतिक दल के नेता कानून और संविधान से ऊपर हैं?
राम कदम ने कहा कि देश में कानून सभी के लिए समान है और कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए आंदोलन करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता आंदोलन की आड़ में राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून से ऊपर नहीं समझा जा सकता।