बिहार चुनाव में विपक्ष की हार में अति आत्मविश्वास और टिकट बंटवारा सहित कई कारण रहे: साधु यादव
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने जहां बंपर जीत हासिल की तो वहीं, महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया। अब विपक्षी दलों में हार की समीक्षा बैठक होने वाली है। इस बीच राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में कलह की खबरें सामने आई।
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी ने आरोप लगाया कि उनके साथ गलत बर्ताव किया गया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने कहा कि आत्मचिंतन करने की जरूरत है। आईएएनएस से बातचीत में साधु यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली करारी हार और परिवार में शुरू हुए कलह पर बात की।
रोहिणी आचार्य के मामले पर उन्होंने कहा कि हम किसी का नाम नहीं ले सकते, न ही खुलकर बोल सकते हैं, लेकिन इस पर गहन चिंतन और विचार-विमर्श की जरूरत है। विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और मुकेश सहनी को डिप्टी उम्मीदवार बनाए जाने के फैसलों को साधु यादव ने अति आत्मविश्वास करार दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने कहा कि किसी को भी अति आत्मविश्वास या आत्म-घोषणा नहीं करनी चाहिए। कोई कह रहा था, 'मैं मुख्यमंत्री बनूंगा,' कोई कह रहा था, 'मैं उप-मुख्यमंत्री बनूंगा।' ये दावे उन्होंने ख़ुद किए, लेकिन जनता ने कभी नहीं कहा कि वे उन्हें मुख्यमंत्री या उप-मुख्यमंत्री बनाएंगे। जनता ने कभी नहीं कहा; वे ख़ुद ही घोषणा करते रहे। इसके अलावा हार के कई कारण भी हैं, उनमें एक टिकट बंटवारा भी है। मुझे लगता है कि आत्मचिंतन करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राजद का प्रदर्शन ख़राब हुआ है। यह स्वीकार्य नहीं है। इसे समझने और इस पर विचार करने की ज़रूरत है। ध्यान से सोचने और सुधार करने की ज़रूरत है। विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर उन्होंने कहा कि कहना तो नहीं चाहिए, लेकिन यह लोकतंत्र को मजबूत करने का मामला है। कहीं न कहीं लोकतंत्र कमजोर है और मजबूत नहीं दिखता है।
बताते चलें कि 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित किया गया। एनडीए ने 202 सीट जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया है।