Delhi दिल्ली: कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को INDIA ब्लॉक के विपक्षी दलों की अहम बैठक हुई। बैठक में SIR, EVM-VVPAT, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और विपक्ष के आंदोलन की घोषणा की। वहीं, विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग भी उठाई।
खड़गे ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है और वोट चोरी हो रही है। ये कांग्रेस और विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
खड़गे ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष अब सड़क पर उतरकर अभियान चलाएगा। उन्होंने आगामी चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी रखी।
2 से 8 अक्टूबर तक मार्च का ऐलान
खड़गे के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के खिलाफ कांग्रेस देशभर में मार्च निकालेगी। बैठक में विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
विपक्ष की मुख्य मांगों में SIR को लेकर सवाल, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही शामिल है। हाल के दिनों में विपक्षी दल SIR को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने भी SIR प्रक्रिया से जुड़े कई फैसलों और व्यवस्थाओं पर अपना पक्ष रखा है।
मतदाता सूची और SIR पर विपक्ष की मांग
बैठक में विपक्षी दलों ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। खड़गे ने यह भी कहा कि किसी वैध मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे नोटिस और अपील का अवसर मिलना चाहिए। विपक्ष ने SIR के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने की आशंका भी जताई है।
वहीं, चुनाव आयोग के अनुसार SIR कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है। आयोग ने ऐसे मतदाताओं के लिए लगातार अपडेट के जरिए नाम शामिल कराने की व्यवस्था की बात कही है, जिनके नाम प्रक्रिया के दौरान छूट गए हैं।
EVM की जगह बैलेट पेपर की मांग
INDIA ब्लॉक की बैठक में EVM और VVPAT को लेकर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों की ओर से आगामी चुनावों में EVM के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग रखी गई। इसके साथ ही पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की बात भी सामने आई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी विपक्षी दलों की रणनीति का हिस्सा रही है। इससे पहले विपक्षी दलों की ओर से संसद में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने की संभावना पर भी चर्चा की गई थी।
कई प्रमुख दल बैठक से रहे बाहर
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, NC, PDP, JMM और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं की मौजूदगी रही। हालांकि, अरविंद केजरीवाल की AAP और एमके स्टालिन की DMK बैठक में शामिल नहीं हुईं। समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव की जगह पार्टी के अन्य नेता पहुंचे।
बैठक ऐसे समय हुई है जब SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों का दबाव बढ़ा हुआ है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने हाल में SIR और ECINET से जुड़े कई प्रशासनिक कदमों की घोषणा की है।
इस बैठक के बाद INDIA ब्लॉक के सामने अब चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर साझा रणनीति बनाने और अलग-अलग राज्यों में आगे की कार्रवाई तय करने की चुनौती है।
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