इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संभावित आतंकी हमलों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कमांडो ने विशेष मॉक ड्रिल की। यह अभ्यास इंदौर एयरपोर्ट और डेली कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया। डेली कॉलेज में करीब पांच से छह घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान कमांडो ने आतंकियों को निष्क्रिय करने और लोगों को सुरक्षित बचाने की रणनीतियों का अभ्यास किया।
डेली कॉलेज में 5 से 6 घंटे चला ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, मॉक ड्रिल के दौरान NSG कमांडो ने ऐसी परिस्थितियों का अभ्यास किया, जिनमें किसी सार्वजनिक स्थान पर आतंकी हमला होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करनी पड़े। डेली कॉलेज परिसर में कमांडो ने संभावित खतरों से निपटने, आतंकियों को निष्क्रिय करने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इस दौरान सुरक्षा बलों के बीच तालमेल और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों को भी परखा गया।
NSG कर्नल अभिषेक सिंह ने दिया बड़ा बयान
मॉक ड्रिल को लेकर NSG कर्नल अभिषेक सिंह ने कहा कि आतंकियों के इरादे चाहे कितने भी मजबूत क्यों न हों, देश की सुरक्षा के प्रति जवानों का संकल्प और प्रतिबद्धता उनसे कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने बताया कि इसी संकल्प के साथ इंदौर और उज्जैन में मॉक ड्रिल आयोजित की गई है। इसके लिए कुछ संवेदनशील स्थानों का चयन किया गया, जहां संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया जा सके।
एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा तैयारियों का परीक्षण
इंदौर एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य संभावित आतंकी खतरे की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को मजबूत करना था। इससे पहले 19 अक्टूबर को NSG और इंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर मॉक ड्रिल की तैयारियों, सुरक्षा जरूरतों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय पर चर्चा की थी।
त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा तैयारियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसी मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा बलों की तत्परता, बचाव अभियान की क्षमता और आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल की जांच की जाती है। अधिकारियों के अनुसार, अभ्यास का उद्देश्य संभावित खतरों के लिए पहले से तैयार रहना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।